अमेरिका से चले टैरिफ वार को देखते हुए सरकार का पूरा फोकस एमएसएमई सेक्टर पर है। अच्छा है कि स्थानीय उद्योगों को मजबूत किया जा रहा है। आयुर्वेद के क्षेत्र में तीन एम्स के साथ जांच लैब स्थापना के निर्णय बहुत ही अच्छे हैं।-देवेंद्र मोहता, वरिष्ठ उद्यमी।
बजट बहुत ही अच्छा है, यह एमएसएमई के लिए संजीवनी है। किसानों व महिलाओं को सशक्त बनाने वाला है। राष्ट्रीय फाइबर प्लान की शुरूआत अच्छी हैं। जूट व रेशम उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जाना काफी अच्छा निर्णय है।-आनंद गोयल, युवा उद्यमी।
एमएसएमई के तहत हाथरस में होने वाले आयुर्वेद के कारोबार को भी प्रोत्साहन मिलेगा। जांच की व्यवस्था होने से मिलावट आदि की आशंकाएं खत्म होंगी। हींग उद्योग को भी नए अवसर मिलेंगे। इससे रोजगार भी बढ़ेंगे।-अनूप अग्रवाल, दवा कारोबारी।
एमएसएमई को बढ़ावा देने से हाथरस को लाभ होगा। कुटीर व लघु उद्योगों में हाथरस तेजी से आगे बढ़ रहा है, अब और रफ्तार मिलेगी। हींग, रंग-गुलाल जैसे उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा।-नरेंद्र बंसल, उद्यमी।
टेक्सटाइल कारोबार को बढ़ावा देने का प्रावधान किया गया है। इससे हाथरस को भी लाभ होगा। रेडीमेड गारमेंट्स के क्षेत्र में कपड़ा सस्ता उपलब्ध होगा। नए उत्पादन कम दामों पर आम लोगों को मिल पाएंगे।-मुकेश गुप्ता, कपड़ा व्यवसायी।
हाथरस को विकसित शहरों की श्रेणी में लाने वाला बजट है। विकास योजनाओं के लिए बजट का प्रावधान किया गया है, जिससे जनपद में अच्छा विकास दिखाई देगा, जिले की अलग सूरत सामने आएगी।-सचिन चौहान, प्रापर्टी डीलर।
पिछले कुछ बजटों में जो योजनाएं तैयार हुई हैं, उनका असर अब दिख रहा है। आज के बजट का सकारात्मक बजट आने वाले कई साल में दिखाई देगा। बजट से जिले के विकास को रफ्तार मिलेगी।-भीकम सिंह, प्रापर्टी डीलर।
हम पैथोलॉजी चलाते हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने की आवश्यकता है। आयुर्वेदिक एम्स खाेला जाना अपने आप में काफी बेहतर निर्णय होगा। 17 दवाओं का सस्ता किया जाना भी आम लोगों के लिए लाभदायक साबित होगा।-योगेंद्र सिंह गहलौत, पैथलॉजी संचालक।
बजट में सबसे अच्छी बात यह है कि हमारी रसोई पर किसी प्रकार का बोझ नहीं डाला गया है। जरूरी दवाओं को सस्ता करने के साथ ही महिलाओं के लिए हास्टल तैयार किए जाने का निर्णय सबसे अच्छा है।-पूजा वार्ष्णेय़ निवासी घंटाघर।
इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के दाम गिर जाएंगे। कपड़ा व चमड़े से बने उत्पाद भी सस्ते होंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि इस बार के बजट में कुटीर व लघु उद्योगों के प्रोत्साहन पर अधिक खर्च का प्रावधान किया गया है।-नीलम यादव निवासी मथुरा रोड।
दवाएं सस्ती होने से मिलेगी बड़ी राहत
आयात शुल्क और अन्य करों में कटौती कर कैंसर और मधुमेह की 17 दवाओं को सस्ता किए जाने को भी आमजन के हित में बताया गया है। इससे मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। आयकर रिटर्न की प्रक्रिया को और सरल किए जाने को भी कारोबारियों ने सराहा है। उनका कहना है कि पिछले बजट में दी गई राहत के बाद इस बार टैक्स स्लैब बढ़ाए जाने की उम्मीद कम थी, ऐसे में स्थिरता बनाए रखना सकारात्मक कदम है। कुल मिलाकर बजट को उद्योग, रोजगार और स्वास्थ्य के लिहाज से संतुलित और उत्साहवर्धक माना जा रहा है।