न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना काल के चलते बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है। इसके लिए ई-पाठशाला कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। अब ई-पाठशाला का कितना लाभ हो रहा है, इसकी निगरानी व देखरेख एआरपी गूगल मीट के जरिये वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कर रहे हैं। इस नई पहल की शुरुआत हो चुकी है।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के करीब 1500 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें लगभग सवा लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इन स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई कोरोना संक्रमण के चलते ठप पड़ी थी, लेकिन ई पाठशाला प्रणाली लागू होने के बाद इन स्कूलों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाया जाना शुरू हो चुका है।
यह अलग बात है कि कुछ इलाकों के बच्चों को साधनों के अभाव में इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही है। ऐसे बच्चों के लिए प्रेरणा साथी चुने जाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि व्हाट्सएप के माध्यम से बच्चों तक शिक्षण सामग्री पहुंच सके।
वीसी में इन बिंदुओं पर ली जा रही जानकारी
- विद्यालय में कुल शिक्षकों की संख्या कितनी है ?
- कितने शिक्षकों द्वारा वीडियो कॉल में प्रतिभाग किया गया ?
- विद्यालय में कुल कितने विद्यार्थी पंजीकृत हैं ?
- विद्यालय के कितने छात्रों के अभिभावकों के पास स्मार्टफोन हैं ?
- विद्यालय में कितने छात्रों के पास टीवी पर दूरदर्शन देखने की सुविधा हैं ?
- विद्यालय में कितने बच्चे व्हाट्सएप ग्रुप से जुडे़ हुए हैं ?
- विद्यालय में कितने बच्चे दूरदर्शन पर प्रेषित सामग्री देख रहे हैं ?
- विद्यालय में कितने अभिभावकों ने अपने फोन में प्रेरणा लक्ष्य एप इंस्टॉल कर लिया है ?
- विद्यालय में कितने अभिभावकों ने अपने फोन में दीक्षा एप इंस्टॉल कर लिया है?
- पिछले दो हफ्तों में अध्यापकों द्वारा कुल कितने छात्रों के अभिभावकों से कम से कम एक बार बात की गई है ? ( केवल पिछले 2 हफ्ते की अवधि ही नोट करें )
- प्रधानाध्यापक एवं अध्यापकों ने अब तक कितने वॉलियंटर्स को ई - पाठशाला कार्यक्रम से जोड़ा है ?
- कितने वॉलियंटर्स द्वारा दीक्षा एवं प्रेरणा लक्ष्य एप इंस्टॉल कर लिया गया है ?
- विद्यालय के कितने छात्रों को ई- पाठशाला सामग्री देखने के लिए वॉलियंटर्स से प्रतिदिन 30 मिनट फोन उपलब्ध हो पा रहे हैं ?
- विद्यालय के कितने छात्रों को वॉलियंटर्स प्रतिदिन खुद पढ़ाकर सहयोग कर पा रहे हैं ?
कोरोना काल के कारण स्कूल खुल नहीं पा रहे हैं। ऐसे में बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है। इसकी मॉनीटरिंग एआरपी द्वारा प्रतिदिन गूगल मीट के माध्यम से पांच-पांच स्कूलों को जोड़कर वीसी से की जा रही है, ताकि बच्चों की पढ़ने की आदत बनी रहे।
-डॉ. ऋचा गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी