न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी को सुनाई गई सजा के खिलाफ अब उनके अधिवक्ता ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। पूर्व विधायक को न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएम) सादाबाद ने सड़क दुर्घटना के एक मामले में एक साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
उल्लेखनीय है कि सादाबाद के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी को सड़क दुर्घटना के एक मामले में दोषी करार देते हुए एक साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने यह सजा 30 जनवरी 2018 को सुनाई थी। उन पर आरोप था कि 28 फरवरी 1996 को वह एंबुलेंस चला रहे थे तो उन्होंने तेजी व लापरवाही से एक स्कूटर को टक्कर मार दी थी। दुर्घटना में नगला कली निवासी आनंद मोहन की मौत हो गई थी और उसका भाई यज्ञदत्त गंभीर रूप से घायल हो गया था। कोर्ट ने इस मामले में डॉ. अनिल चौधरी को दोषी माना था।
न्यायिक मजिस्ट्रेट सादाबाद के इस आदेश के खिलाफ पूर्व विधायक ने यहां सत्र न्यायालय में भी अपील दायर की थी, लेकिन उनकी अपील को जिला न्यायालय ने खारिज कर दिया था। इसके बाद शुक्रवार को पूर्व विधायक डॉ. चौधरी ने सादाबाद के न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां समर्पण किया था। वहां न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें इस मामले में जेल भेज दिया था। सहपऊ थाना पुलिस सादाबाद कोर्ट से उन्हें अलीगढ़ जेल में निरुद्ध कराकर आई थी। पूर्व विधायक अभी अलीगढ़ जेल में ही निरुद्ध हैं। वहीं उनके अधिवक्ता चौ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि अब स्थानीय न्यायालय के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर कर दी गई है। संवाद
जेल में बेचैनी में कटी पूर्व विधायक की रात
हाथरस। अलीगढ़ जिला कारागार में पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी को जेल के अस्पताल के बराबर वाली बैरक में रखा गया है। जेल में उनकी पहली रात काफी बेचैनी में कटी। उन्होंने अपनी पहले से चली आ रही बीमारियों को लेकर भी जेल में चिकित्सक से चर्चा की। कुछ लोगों ने अलीगढ़ जेल में उनसे मिलने की कोशिश भी की, लेकिन इनकी मुलाकात नहीं हो सकी। जेलर का कहना है कि यदि जरूरत समझी जाएगी तो डॉ. चौधरी को जेल के अस्पताल में शिफ्ट कर लिया जाएगा। कोर्ट के आदेश के बाद हाथरस पुलिस ने पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी को अलीगढ़ जेल में निरुद्ध कराया था। जेल में उनकी पहली रात काफी बेचैनी से कटी। वह शुगर और हाइपरटेंशन के मरीज भी हैं। शनिवार को उन्होंने अपनी बीमारियों को लेकर जेल के चिकित्सक से भी चर्चा की। हालांकि पूर्व विधायक पेशे से खुद चिकित्सक हैं। ऐसे में उन्होंने अपनी बीमारी को लेकर और ज्यादा गहनता से जेल के चिकित्सक से चर्चा की। जेलर पीके सिंह का कहना है कि डॉ. चौधरी को अस्पताल के बराबर वाली बैरक में रखा गया है। यदि जरूरत समझी जाएगी तो उन्हें जेल के अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। संवाद