न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बीज कंपनी अब किसानों तक बीज पहुंचाने से पहले दो साल तक उस बीज की प्रजाति का ट्रायल करेंगी। शासन स्तर से इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसे लेकर स्थानीय स्तर पर कृषि विभाग के अधिकारी क्षेत्र में भ्रमण कर नए आने वाले बीजों के बारे में पूरी रिपोर्ट देंगे। वहीं बिना ट्रायल किए बीजों को बाजार में लाने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
शासन स्तर से बीज की बिक्री को लेकर नया आदेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश के तहत बीज कंपनी को किसानों तक नई किस्म का बीज पहुंचाने से पहले उस बीज की प्रजाति का दो साल तक ट्रायल करना अनिवार्य होगा। इसे लेकर स्थानीय स्तर पर कृषि विभाग को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार ने बताया कि बीज उत्पादक अगर एक जिले से दूसरे जिले में बीज का व्यापार करना चाहता है तो उसे प्रदेश स्तर का लाइसेंस बनवाना होगा। यदि कोई कोई संस्था बीज का प्रमाणीकरण करती है तो उस संस्था को पूरी रिपोर्ट कृषि विभाग में उपलब्ध करानी होगी।
कोई बीज विक्रेता ऐसी कंपनी का बीज बिक्री करता हुआ मिलता है, जो कंपनी जिले में व्यापार करने के लिए वैध नहीं है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा, पंजाब और अन्य प्रांतों से आने वाले बीज को विक्रेता उसी आधार पर खरीदें, जब उस कंपनी पर अन्य प्रांतों में कारोबार करने का लाइसेंस हो। अब बीज कंपनियों को नये बीज बाजार में लाने से पहले दो साल का ट्रायल करना होगा, जिससे फसल को होने वाले नुकसान व फायदे के बारे में पूरी जानकारी हो सके।