न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कई सप्ताह से घर-घर जाकर वोट मांग रहे काफी प्रत्याशियों ने मतदान के बाद शुक्रवार को चैन की सांस ली और अपना ज्यादातर समय घर पर ही बिताया। इस मौके पर प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों के साथ यह गुणा-भाग लगाया कि कहां से उन्हें ज्यादा वोट मिलेंगे और कहां से उन्हें कम वोट मिलेंगे। जातिगत समीकरणों का हिसाब भी प्रत्याशियों ने लगाया। अब इन प्रत्याशियों को परिणाम का इंतजार है।
पंचायत चुनाव के लिए पिछले कई सप्ताह से प्रत्याशियों ने अपनी पूरी ताकत जीतने के लिए झोंक दी थी। उन्होंने जमकर चुनाव प्रचार किया था और जीतने के लिए हर फार्मूले का इस्तेमाल भी किया था। घर-घर जाकर वोट मांगे थे। बृहस्पतिवार की शाम को मतदान समाप्त होने तक भी प्रत्याशी भागदौड़ करते रहे थे।
अब शुक्रवार को इन प्रत्याशियों ने आराम किया। काफी प्रत्याशियों ने अपने घर पर ही समय बिताया। इन प्रत्याशियों ने साथ ही इस पर भी मंथन किया कि उन्हें कहां-कहां से कितना वोट मिलेगा। कहां-कहां वह फायदे में रहेंगे और कहां-कहां उन्हें नुकसान होगा। इसे लेकर वह फीडबैक भी लेते रहे। किस बिरादरी का वोट उन्हें मिला है, इसका अनुमान भी वह लगाते रहे। पूरा दिन उनका इसी आंकलन में बीता।