न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)।
क्षेत्र के गांव परसौरा में सोमवार की सुबह दबंगों एवं अनुसूचित जाति के लोगों में हुई मारपीट के बाद मंगलवार की सुबह अनुसूचित जाति के लोगों ने अपने मकानों पर ‘बिकाऊ है’ लिख दिया है। दबंगों के भय से यह लोग गांव से पलायन करने की योजना बनाने लगे। जानकारी मिलते ही सीओ सादाबाद ब्रह्म सिंह एवं कोतवाल अतुल कुमार गांव में पहुंच गए। उन लोगों को समझाने में जुट गए। पूरे दिन मान-मनौव्वल का दौर चला, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे। महिलाओं में काफी गुस्सा था। पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई करने और शाम को भीम आर्मी के नेताओं के समझाने के बाद लोग अपने मकानों से ‘बिकाऊ है’ शब्द को साफ किया।
अनुसूचित जाति पक्ष के लोगों का आरोप था कि दबंग लोग उन अत्याचार करते आ रहे हैं। गांव में उनकी जनसंख्या काफी कम है। सोमवार की पुलिस ने दबंगों के कुछ लोगों को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उनको छोड़ दिया। इन लोगों का आरोप था कि स्थानीय पुलिस पार्टी विशेष के दबाव में काम कर रही है। उनकी कोई नहीं सुन रहा।
अनुसूचित जाति पक्ष के भगत सिंह का कहना है कि यदि पुलिस ने उनके साथ न्याय नहीं किया तो वह गांव को छोड़ने के लिए मजबूर होंगे। इसके लिए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा। इधर, दूसरे पक्ष के लोगों का कहना है कि झगड़ा अनुसूचित पक्ष के लोगों ने किया था। उन्होंने केवल अपना बचाव किया। पुलिस ने सोमवार की देर रात दोनों पक्षों की तहरीर पर आठ-आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
यह है मामला
सोमवार की सुबह गली में से ट्रैक्टर निकालने के विवाद को लेकर गांव में दो अलग-अलग समाज के लोगों के बीच मारपीट हो गई थी। झगड़े में छह लोग घायल हो गए थे। घायलों में से पांच लोगों को गंभीर हालत में हाथरस रेफर कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में हमेशा से शांति रही है और वह लोग अब भी शांति चाहते हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर दिया है। जांच जारी है। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। दोषियों को शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा।
-ब्रह्म सिंह, सीओ सादाबाद