न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ताज प्रदेश निर्माण समिति की ऑनलाइन बैठक में शनिवार को आगरा और अलीगढ़ मंडल को मिलाकर ताज प्रदेश बनाए जाने की मुहिम को तेज करने का निर्णय लिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि जब तक आगरा और अलीगढ़ मंडल को मिलाकर नया प्रदेश नहीं बनेगा, तब तक क्षेत्र पीछे ही रहेगा। किसी भी हालत में ताज प्रदेश बनना ही चाहिए। अपने देश में ही प्रस्तावित ताज प्रदेश से भी छोटे-छोटे राज्य हैं, फिर यह क्यों नहीं बन सकता। ताज प्रदेश बनने पर क्षेत्र के नागरिकों को 100 किलोमीटर के दायरे में सारी सुविधाएं मिलेंगी। सरकारों का प्रशासनिक तंत्र पर होने वाला खर्चा कम होगा। भ्रष्टाचार पर नियंत्रण होगा।
सर्वसम्मति से तय किया गया कि इसके लिए सोमवार को आगरा में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया जाएगा। इसी तरह के ज्ञापन आगरा और अलीगढ़ मंडल के हर जिले में वहां के पदाधिकारियों द्वारा दिए जाएंगे। इसके बाद जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी केंद्र और राज्य सरकार तक मांग पहुंचाई जाएगी।
अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष केपी सिंह ने की। बैठक में समिति के महासचिव कर्नल उमेश वर्मा, सचिव दिनेश कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष आलोक तोमर, जोगेंद्र सिंह चाहर, संयोजक डॉ. सुरेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. योगेंद्र सिंह, एसके वार्ष्णेय, व्यापारी नेता पवन बंसल, सीजे थापर, सुनील अग्रवाल, विकास मोहन बंसल, यूसुफ खान, पुष्पेंद्र सोनी, सीपी सिंह सिकरवार, महादेव शरण अटल, संजय दीक्षित एडवोकेट, सेवानिवृत्त पीसीएस राम नगीना, यादराम वर्मा, राम सिंह एडवोकेट, सतीश सिंह आदि मौजूद थे।