हाथरस: मुरसान में तैनात नर्स नीरज ठेनुआं।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
इस समय कई महिला चिकित्सक, नर्स और महिला पुलिसकर्मी कोरोना की महामारी के बीच अपनी ड्यूटी को बखूबी अंजाम दे रही हैं। इनके परिजनों को भी इन कोरोना योद्धाओं पर नाज है। रविवार को मदर्स डे है। इन कोरोना योद्धाओं का कहना था कि वह तो अपना फर्ज निभा रही हैं, जबकि उनकी मां का कहना था कि उन्हें अपनी बेटियों पर गर्व है।
मुरसान कस्बे के सीएचसी पर पर तैनात एक नर्स नीरज ठेनुआं अपने परिवार व बच्चों से दूर रहकर अपनी ड्यूटी बखूबी निभा रही हैं। इस दौरान यह नर्स अपने बच्चों को मायके में छोड़कर खुद मुरसान में अपनी ड्यूटी निभा रही हैं। नीरज ने कोरोना योद्धा की तरह अपना फर्ज निभाया।
पिछले दिनों जब मुरसान के कोविड-1 हॉस्पिटल में चार संक्रमित जमाती दाखिल किए गए तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाई। पूरी टीम के साथ वह भी इनके उपचार में जुटी रही और यह चारों जमाती स्वस्थ हो गए। इसके बाद नीरज को 14 दिन के लिए क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया। इस समय वह नगला मनी स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात हैं। नीरज पिछले ढाई माह से अपने बच्चों से नहीं मिली है। उनके नौ साल का बेटा प्रिंस और पांच वर्ष की बेटी परी नीरज की मां रानी देवी के पास नोएडा में हैं। रानी देवी का कहना है कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है कि वह कोरोना योद्धा के रूप में काम कर रही है और मानवता की सेवा में जुटी हुई हैं।