न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पूरे प्रदेश के साथ जिले में भी विधान परिषद सदस्यों (स्नातक व शिक्षक) के लिए यहां भी मतदान हुआ। जिले में 8 मतदान केंद्रों पर बनाए 31 बूथों पर कुल 8740 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 6,799 स्नातक मतदाताओं और 1,941 शिक्षक मतदाताओं ने वोट डाले। कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह आठ बजे से मतदान हुआ। यह मतदान शाम को पांच बजे तक चला। बाद में मतपेटिकाओं को मतगणना के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच देर शाम आगरा के लिए रवाना कर दिया गया।
आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए प्रशासन कई दिन से तैयारियां कर रखी थीं। इस सीट पर 22 प्रत्याशी स्नातक निर्वाचन के लिए व 16 प्रत्याशी शिक्षक निर्वाचन के लिए चुनाव मैदान में थे। जिले में इस चुनाव के लिए जिला प्रशासन की ओर से आठ मतदान केंद्र बनाए गए थे। इन पर 31 बूथों पर मतदान हुआ। सुबह आठ बजे से पहले ही सभी मतदान केंद्रों पर मतदान की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। सुबह आठ बजे मतदान शुरू हो गया।
हालांकि सुबह 10 बजे तक ज्यादा मतदाता बूथों पर नहीं आए, लेकिन 10 बजे के बाद मतदाताओं ने घरों से लेकर अपने मताधिकार का उत्साह पूर्वक प्रयोग किया। मतदाताओं में खासा जोश देखा गया। शाम पांच बजे तक यह मतदान चला। जिले में कुल 47.10 फीसदी मतदान हुआ। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था भी रही।
स्नातक मतदाता 15538
शिक्षक मतदाता 3015
कुल मतदाता 18553
स्नातक मतदाताओं ने डाले वोट 6799
शिक्षक मतदाताओं ने डाले वोट 1941
स्नातक मतदाताओं का मत प्रतिशत 43.76
शिक्षक मतदाताओं का मत प्रतिशत 64.38
कुल पड़े वोट 8740
कुल मतदान प्रतिशत 47.10
पहले हुई थर्मल स्क्रीनिंग, फिर मतदान केंद्र में मिला प्रवेश
हाथरस। शासन के निर्देश पर हर मतदान केंद्र के बाहर कोविड हेल्प डेस्क भी मौजूद रही। सबसे पहले मतदाताओं का तापमान चेक किया गया। उसके बाद सैनिटाइजर से उनके हाथ धुलवाए और फिर उन्हें दस्ताने देकर बूथों पर जाने दिया गया। यहां यह बात भी उल्लेखनीय है कि वोटिंग करते समय मतदाताओं ने मतदान केंद्र के अंदर कोविड के नियमों का पालन नहीं किया। पुलिस जरूर इन्हें सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की हिदायत देती रही।
दिव्यांगों और बुजुर्गों में भी दिखा मतदान को लेकर जोश
हाथरस। दिव्यांगों और बुजुर्गों ने भी इस चुनाव को लेकर खासा जज्बा देखने को मिला। कई बूथों पर दिव्यांग मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और लोगों को यह संदेश दिया कि वह मताधिकार का प्रयोग करें। ब्लॉक हाथरस पर मतदान करने आए दिव्यांग चेतन प्रकाश व उनकी पत्नी रश्मी का कहना था कि मतदान हमारा अधिकार है, सभी को इसका प्रयोग करना चाहिए।
केंद्रों के नाम गलत होने से मतदाता हुए परेशान
हाथरस। कुछ मतदाताओं को मतदाता सूची में मतदान केंद्रों व बूथों पर गलत होने से परेशानी का सामना भी करना पड़ा। कुछ मतदाताओं का कहना था कि उन्हें जो पर्ची दी गई है, उसमें केंद्र का नाम हाथरस ब्लॉक लिखा गया है, लेकिन वहां पहुंचने पर पता चला कि उनका मतदान केंद्र दूसरा है। यही स्थिति मतदान केंद्रों पर बूथ संख्या को लेकर देखने को मिली।
कोरोना के चलते कम हुआ मतदान
हाथरस। हालांकि यह चुनाव बुद्धिजीवी तबके का था, फिर भी मत प्रतिशत काफी कम रहा। जिले में इस चुनाव में 50 फीसदी मतदान भी नहीं हुआ। इसकी मुख्य वजह कोरोना ही मानी जा रही है। कोरोना के चलते काफी मतदाताओं ने घरों से निकलने में संकोच बरता और मतदान नहीं किया।