वैधता खत्म होने के बाद भी 35 विक्रेता बेच रहे उर्वरक
विभाग ने तैयार की सूची, इन विक्रेताओं को उर्वरक देने वाले थोक विक्रेताओं पर भी होगी कार्रवाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जिले में बीज और खाद के लाइसेंस की वैधता खत्म होने के बाद भी उर्वरकों की बिक्री की जा रही है। कृषि विभाग की ओर से ऐसे 35 उर्वरक विक्रेताओं की सूची तैयार कर ली गई है। विभाग की ओर से इन विक्रेताओं पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। ऐसे विक्रेताओं को उर्वरक देेने के मामले में थोक विक्रेताओं पर भी कार्रवाई की जाएगी।
शासन स्तर से 25 सितंबर 2019 को बीज व खाद के लाइसेंस की वैधता को पांच साल कर दिया गया था। इस वैधता को बढ़ाए जाने के बाद लाइसेंसधारकों ने अपनी वैधता बढ़वाने के लिए कृषि विभाग में कोई ऑनलाइन आवेदन नहीं किया गया। कृषि विभाग की ओर से वैधता समाप्त हो चुके लाइसेंसधारकों का डाटा तैयार किया गया है। जिले में 35 ऐसे उर्वरक विक्रेताओं की सूची तैयार की गई है, जिनके लाइसेंसों की वैधता समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद उर्वरकों की बिक्री की जा रही है।
अब कृषि विभाग ने इस मामले में सख्त रवैया अपना लिया है। जल्द ही इन उर्वरक विक्रेताओं पर कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार ने बताया कि वैधता बढ़वाने के लिए उर्वरक विक्रेताओं को ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। इसके लिए निर्धारित फीस भी जमा होती है। जिले में ऐसे कई उर्वरक विक्रेता चिह्नांकित किए हैं, जिनके लाइसेंस की वैधता समाप्त हो चुकी है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि ऐसे उर्वरक विक्रेताओं के यहां छापे मारे जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन विक्रेताओं को उर्वरक मुहैया कराने वाले थोक विक्रेताओं पर भी कार्रवाई की जाएगी।