1 अक्तूबर 2021 को घटना की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। देरी से हुई एफआईआर को ही आधार बनाते हुए बचाव पक्ष ने आरोपों को मनगढ़ंत बताया था, लेकिन इस तर्क को खारिज करते हुए विशेष न्यायाधीश निर्भय नारायण राय ने बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की।
हाथरस विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम)-प्रथम की अदालत ने घर में घुसकर 14 वर्षीय बालिका के साथ छेड़खानी, मारपीट और धमकी देने के मामले में आरोपी अजय उर्फ पसीना को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कुल 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 27 सितंबर 2021 की शाम करीब सात बजे की है। कोतवाली सदर क्षेत्र के एक मोहल्ले में रहने वाली 14 वर्षीय किशोरी अपने घर के अंदर खाना बना रही थी। इस दौरान आरोपी अजय उर्फ पसीना घर में घुस आया और किशोरी के साथ छेड़खानी करने लगा। विरोध करने पर मारपीट की। बेटी की आवाज सुनकर अंदर के कमरे से जब मां दौड़कर बाहर आईं, तो आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता आरोपी के डर से करीब दो महीने तक स्कूल भी नहीं जा सकी थी।
1 अक्तूबर 2021 को घटना की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। देरी से हुई एफआईआर को ही आधार बनाते हुए बचाव पक्ष ने आरोपों को मनगढ़ंत बताया था, लेकिन इस तर्क को खारिज करते हुए विशेष न्यायाधीश निर्भय नारायण राय ने बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की।
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कोर्ट ने कहा कि छेड़खानी व लैंगिक हमले के मामलों में परिवार की प्रतिष्ठा दांव पर होती है, इसलिए परिवार काफी सोच-समझकर मुकदमा दर्ज कराने जाता है। ऐसे संवेदनशील मामलों में प्राथमिकी में हुआ विलंब अभियोजन की कहानी पर अविश्वास करने का आधार नहीं हो सकता। साक्ष्य व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने अजय उर्फ पसीना को दोषी पाया। कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट में तीन साल के कठोर कारावास, घर में घुसने व छेड़खानी के आरोप में तीन-तीन साल की कैद तथा मारपीट व धमकाने पर एक-एक साल की कैद की सजा सुनाई है।