एकाएक ओले गिरने से शहर में सड़कों पर भगदड़ मच गई। करीब 10 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। लगातार तीन दिन से आंधी, बारिश व ओलावृष्टि से गर्मी के तेवर ढीले पड़ गए हैं।
हाथरस जिले में 11 अप्रैल को आई तेज आंधी और बारिश से हुए नुकसान से लोग उबरे भी नहीं थे कि 12 अप्रैल की रात को फिर तेज आंधी व बारिश के साथ ओलावृष्टि हो गई। हाथरस और मुरसान क्षेत्र में रात करीब नौ बजे ओलावृष्टि हो गई। नजारा ऐसा था कि सड़कों पर हर तरफ ओलों की सफेद चादर बिछ गई।
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एकाएक ओले गिरने से शहर में सड़कों पर भगदड़ मच गई। करीब 10 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। लगातार तीन दिन से आंधी, बारिश व ओलावृष्टि से गर्मी के तेवर ढीले पड़ गए हैं। तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। मौसम के इस रुख ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। उनकी गेहूं की फसल में काफी नुकसान हुआ है।
इधर, 11 अप्रैल की रात को सहपऊ क्षेत्र के गांव खाेंड़ा, मढ़ाका, नगला विसी, नगला प्राण, नगला रमजू, नगला मया और नगला परसौना में करीब पांच मिनट तक ओले गिरे थे। किसानों का कहना है कि 10 अप्रैल को क्षेत्र में आई हल्की बारिश से गेहूं की बालियां गीली हो गई थीं। गेहूं निकालने में अब उनको अधिक समय लगेगा। सादाबाद व सहपऊ क्षेत्र के करीब 150 से अधिक गांवों के लोगों ने अंधेरे में रात गुजारी।