उत्तर मध्य रेलवे के ट्रैक पर दिल्ली से हाथरस किला के बीच चलने वाली दैनिक यात्रियों की जीवन रेखा मानी जाने वाली एचएडी मेमू पैसेंजर ट्रेन का संचालन पूरी तरह से पटरी से उतर गया है। रोजाना इस ट्रेन के घंटों देरी से चलने के कारण नौकरीपेशा, व्यापारी और आम दैनिक यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों का आरोप है कि रास्ते में कई छोटे-बड़े स्टेशनों पर जहां ट्रेन का निर्धारित ठहराव मात्र दो से पांच मिनट का है, वहां इसे बिना किसी स्पष्ट कारण या पूर्व सूचना के आधे-आधे घंटे तक खड़ा कर दिया जाता है। अन्य एक्सप्रेस व मालगाड़ियों को पास कराने के चक्कर में पैसेंजर ट्रेन को आउटर या लूप लाइन पर बेवजह रोक दिया जाता है, जिससे यात्री भीषण गर्मी और उमस में बिलबिला उठते हैं।
ट्रेन के बिगड़े संचालन के आंकड़ों पर नजर डालें तो ट्रेन संख्या 64581 (हाथरस किला से दिल्ली) 30 सितंबर को करीब एक घंटा, एक अक्तूबर को एक घंटा 15 मिनट और दो अक्तूबर को दो घंटे 15 मिनट की देरी से दिल्ली पहुंची। यही स्थिति वापसी में भी बनी हुई है। ट्रेन संख्या 64582 (दिल्ली से हाथरस किला) 29 सितंबर को 2 घंटे 35 मिनट, 30 सितंबर को एक घंटा 16 मिनट और एक अक्तूबर को दो घंटे 48 मिनट की देरी से हाथरस किला स्टेशन पहुंची।
लगातार हो रही इस लेटलतीफी के चलते दिल्ली-एनसीआर में नौकरी व कारोबार के लिए जाने वाले दैनिक यात्रियों का समय पर पहुंचना दूभर हो गया है। परेशान दैनिक रेल यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर ट्रेन के समयबद्ध संचालन को सुनिश्चित कराने की मांग की है।