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Hathras News: एचएडी व टूंडला पैसेंजर हुईं निरस्त, वापस किए टिकट

Thu, 23 Jul 2026 02:06 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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हाथरस जंक्शन स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते यात्री। संवाद - फोटो : Samvad
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गाजियाबाद में मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरने का असर दूसरे दिन भी जिले के रेल यातायात पर साफ दिखा। हाथरस किला स्टेशन से चलने वाली एचएडी पैसेंजर और हाथरस जंक्शन से गुजरने वाली टूंडला पैसेंजर ट्रेन को निरस्त करना पड़ा।
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हाथरस किला स्टेशन पर अंतिम समय में ट्रेनों के निरस्त होने की सूचना मिलने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा और मजबूरी में उन्हें अपने टिकट लौटाने पड़े। यात्रियों का अन्य साधनों से दिल्ली की यात्रा करनी पड़ी अथवा निरस्त करनी पड़ी।
हाथरस किला रेलवे स्टेशन से रोजाना सुबह 05:35 बजे दिल्ली के लिए एचएडी पैसेंजर ट्रेन रवाना होती है। रोजाना की तरह बुधवार की सुबह भी यात्री दिल्ली जाने के लिए समय से स्टेशन पहुंच गए थे।
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सुबह से ही जेटीवीएस और हाथरस किला स्टेशन के टिकट काउंटरों से दिल्ली जाने के लिए करीब 55 यात्रियों को साधारण श्रेणी के टिकट जारी कर दिए गए थे। जैसे ही ट्रेन निरस्त होने की जानकारी हुई, यात्री अपना टिकट वापस करने काउंटर पर पहुंच गए। रेलवे प्रशासन ने सभी 55 यात्रियों के टिकट का पैसा वापस कराया।

टूंडला पैसेंजर निरस्त होने से बैरंग लौटे यात्री
हाथरस जंक्शन स्टेशन पर भी स्थिति अलग नहीं रही। टूंडला जाने वाली पैसेंजर ट्रेन रद्द होने के कारण दैनिक यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों को काफी असुविधा हुई। स्टेशन पहुंचे यात्रियों को जब ट्रेन निरस्त होने की खबर मिली, तो उन्हें निराश होकर बैरंग लौटना पड़ा या फिर महंगे दामों में बस व निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।

कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन समाप्त होने से राहत
ट्रेनों की लेट-लतीफी और अचानक बदले रास्तों की वजह से जंक्शन स्टेशन पर इंतजार कर रहे यात्रियों को घंटों परेशान होना पड़ा था, लेकिन बुधवार को हाथरस जंक्शन स्टेशन पर रुकने वाली गोमती एक्सप्रेस, मुरी एक्सप्रेस आदि के मार्ग परिवर्तन को खत्म करने से यात्रियों को राहत मिली।


मुझे सुबह जरूरी काम से दिल्ली जाना था। 5:30 बजे स्टेशन आ गया और टिकट भी ले लिया। ऐन मौके पर बताया गया कि ट्रेन नहीं जाएगी। बाद में सड़क मार्ग से जाना पड़ा, जिससे समय और पैसे दोनों ज्यादा लगे।
-आकाश कुमार, यात्री।


अगर ट्रेन निरस्त करनी ही थी तो इसकी सूचना कम से कम आधे घंटे पहले लाउडस्पीकर पर दी जानी चाहिए थी। काउंटर से टिकट लेने के बाद बताया जा रहा है कि ट्रेन रद्द है। बेवजह लाइन में लगना पड़ा और यात्रा को भी निरस्त करना पड़ा।
-राहुल देशवार, यात्री।
रोज की तरह हाथरस जंक्शन से टूंडला पैसेंजर पकड़नी थी। स्टेशन पहुंचकर पता चला कि गाड़ी निरस्त है। अलीगढ़ पहुंचने में अब काफी देर हो जाएगी, निजी वाहन भी आसानी से नहीं मिल रहे हैं।
-नरेंद्र कुमार सेंगर, यात्री।


रेलवे को ऐसे आपात समय में यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था या बसों का इंतजाम करना चाहिए। अचानक ट्रेनें रद्द होने से आम जनता की पूरी दिनचर्या बिगड़ जाती है। आज सुबह टूंडला पैसेंजर के निरस्त होने से पूरे सप्ताह का शेड्यूल बिगड़ गया है।
-दीपक कुमार, यात्री।
इस तरह की घटना के बाद व्यवस्था सही होने में थोड़ा समय लगता है। 22 जुलाई को व्यवस्थाएं सही किए जाने का काम तेजी से हो रहा है। 23 जुलाई के लिए ट्रेनों के निरस्तीकरण की सूचना अभी तक नहीं है। उम्मीद है कि निरस्त किए जाने वाली ट्रेनों की संख्या में कमी होगी।
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-अमित कुमार मालवीय, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी, प्रयागराज।
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