कन्या गुरूकुल महाविद्यालय में कॉलेज स्टाफ से जानकारी करते प्रोबेशन अधिकारी, क्षेत्राधिकारी और एसडीएम व अन्य।
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जिला प्रशासन के निर्देश पर रविवार को प्रशासन की टीम ने कन्या गुरुकुल महाविद्यालय का मुआयना किया। टीम ने संस्था के सभी अभिलेख खंगाले। गुरुकुल की मुख्य अधिष्ठात्री डॉ. पवित्रा विद्यालंकार भी उनके साथ थी। प्रोबेशन अधिकारी ने छात्राओं की सुरक्षा और भविष्य को लेकर जरूरी निर्देश दिए।
टीम में जिला प्रोबेशन अधिकारी गमपाल सिंह, सीओ सिटी सुमन कनौजिया, एसडीएम इंद्रसेन यादव, तहसीलदार ठाकुर प्रसाद और परिवीक्षा अधिकारी दीपक कुमार शामिल थे। दरअसल, देवरिया और मुजफ्फरपुर में यौन शोषण के मामलों पर शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिलाधिकारियों से इस बारे में रिपोर्ट तलब की है।
यही वजह है कि डीएम और एसपी ने टीम बनाकर कन्या गुरुकुल महाविद्यालय का मुआयना कराया। टीम ने अभिलेखों के साथ यहां छात्राओं के रहन-सहन की व्यवस्थाएं भी देखीं। प्रोबेशन अधिकारी ने बताया विद्यालय में पंजीकृत 213 छात्राओं में से 201 छात्रा उपस्थित मिलीं। आठ छात्राओं को प्रार्थना पत्र पर अवकाश पर भेजा गया है, जबकि चार छात्राओं को परिजन अपने साथ ले गए हैं। बच्चों के रहने की व्यवस्था जिन कमरों में की गई है, उनके जंगले बंद मिले। हवा एवं रोशनी के लिए कोई व्यवस्था नहीं मिली।
व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए विद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया गया है। ऊपरी की मंजिल पर बने कमरों में शौचालय की व्यवस्था नहीं है, जिससे छात्राओं को शौच के लिए नीचे आना पड़ता है। रात्रि के समय यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। ऊपर की मंजिल पर प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं है। बरामदों में पंखे नहीं लगे हैं। मैस के बर्तनों को रखने की जगह पर सफाई का अभाव मिला।
छात्राओं को खाना मेन्यू के अनुरूप नहीं दिया जाता है। संस्था के अभिलेख विद्यालय प्रशासन द्वारा प्रमाणित नहीं है। अभिलेखों को तत्काल प्रमाणित कराने को कहा गया, ताकि इनकी फीडिंग कराई जा सके। शौचालयों की सफाई छात्राओं से कराई जाती है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि विद्यालय प्रशासन से 11 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी।