19 मार्च 2015 को पुलिस टीम शांति व्यवस्था की ड्यूटी पर थे। तभी सूचना मिली कि कैलोरा चौराहा व कैलोरा गांव के मध्य बंद पड़े ईंट भट्ठे कुछ मोटरसाइकिलें व मारुति कार खड़ी हैं। कुछ लोग वहां आ-जा रहे हैं। मौके पर पहुंचकर खड़े व्यक्तियों को टोका तो दो व्यक्तियों ने जान से मारने की नीयत से फायर किए, जिससे पुलिस वाले बाल-बाल बच गए।
हाथरस के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो त्रिलोकपाल सिंह के न्यायालय ने पुलिस पर फायरिंग करने के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए दो-दो साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी शिवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि एसआई कोमल सिंह ने थाना हाथरस जंक्शन में 20 मार्च 2015 को मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा था कि 19 मार्च 2015 को वह पुलिस टीम के साथ शांति व्यवस्था की ड्यूटी पर थे। तभी सूचना मिली कि कैलोरा चौराहा व कैलोरा गांव के मध्य बंद पड़े ईंट भट्ठे कुछ मोटरसाइकिलें व मारुति कार खड़ी हैं। कुछ लोग वहां आ-जा रहे हैं। मौके पर पहुंचकर खड़े व्यक्तियों को टोका तो दो व्यक्तियों ने जान से मारने की नीयत से फायर किए, जिससे हम लोग बाल-बाल बच गए।
मौके पर ही दो व्यक्तियों को पकड़ लिया। एक व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। पहले व्यक्ति ने अपना नाम दिनेश कुमार और दूसरे ने अपना नाम चरन सिंह उर्फ पप्पू बताया। भागे हुए व्यक्ति का नाम गब्बर बताया। इस मामले में पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। न्यायालय ने दो आरोपियों दिनेश कुमार, गब्बर पुत्रगण रामभरोसे निवासी बरवाना थाना हाथरस जंक्शन को दोषी करार देते हुए दो-दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।