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गली-गली में झोलाछापों का बढ़ता जाल: अवैध क्लीनिकों पर हो रहा इलाज, खतरे में पड़ रही मरीजों की जान

Sat, 04 Jul 2026 10:55 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

एक अन्य झोलाछाप खुद को बच्चों का विशेषज्ञ बताकर इलाज कर रहा है। बताया जाता है कि वह पहले एक बाल रोग विशेषज्ञ के यहां कंपाउंडर था। चंदपा, सासनी, मुरसान, सिकंदराराऊ, सादाबाद, सहपऊ समेत शहर की कई बस्तियों में ऐसे क्लीनिक संचालित हैं।
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हाथरस जंक्शन क्षेत्र में झोलाछाप का क्लीनिक - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हाथरस जिले में झोलाछाप चिकित्सकों का नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिना मान्यता वाले क्लीनिकों में मरीजों का इलाज और भर्ती तक की जा रही है। हाल ही में हाथरस जंक्शन में गलत इंजेक्शन लगाए जाने से एक महिला की मौत के बाद यह मामला फिर चर्चा में है।

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सवाल उठ रहा है कि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद एक जान बचाई जा सकती थी। 30 जून को गांव रामपुर निवासी पुष्पा देवी सर्दी-जुकाम की दवा लेने रेलवे रोड स्थित एक क्लीनिक पहुंची थीं। आरोप है कि गलत इंजेक्शन लगाए जाने से उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी को जेल भेजा गया और सीएमओ कार्यालय ने क्लीनिक सीज कर दिया।

स्थिति केवल हाथरस जंक्शन तक सीमित नहीं है। मेंडू में एक दुकान के ऊपर मरीजों को भर्ती करने के लिए हॉल संचालित होने की चर्चा है, जबकि एक अन्य झोलाछाप खुद को बच्चों का विशेषज्ञ बताकर इलाज कर रहा है। बताया जाता है कि वह पहले एक बाल रोग विशेषज्ञ के यहां कंपाउंडर था। चंदपा, सासनी, मुरसान, सिकंदराराऊ, सादाबाद, सहपऊ समेत शहर की कई बस्तियों में ऐसे क्लीनिक संचालित हैं। सीएमओ कार्यालय से जिले में केवल 148 अस्पताल और क्लीनिक पंजीकृत हैं, जबकि झोलाछापों की संख्या 200 से अधिक बताई जा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर और अशिक्षित लोग सबसे अधिक इनके झांसे में आ रहे हैं।

झोलाछापों पर कार्रवाई की जा रही है। संबंधित एमओआईसी को भी जिम्मेदारी दी गई है। जल्द ही विस्तृत अभियान चलााया जाएगा, जिसके लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है।-डाॅ. वेदप्रकाश अग्रवाल, सीएमओ

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बिना वैध डिग्री के चिकित्सा अभ्यास करना सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ है। आईएमए इस तरह के अवैध क्लीनिक और झोलाछापों का कड़ा विरोध करता है। ऐसे तत्वों के खिलाफ केवल क्लीनिक सील करने जैसी रस्मी कार्रवाई न की जाए, बल्कि इनके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए। जनता से भी अपील है कि चंद रुपयों के लालच में अपनी और अपने बच्चों की जिंदगी खतरे में न डालें।-डाॅ. भरत यादव, सचिव, आईएमए

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केस-1
चंदपा क्षेत्र के गांव नगला कल्लू में झोलाछाप के इलाज से 10 माह के बच्चे की मौत हो गई। गांव के आजाद का 10 माह का बेटा आबिद सर्दी-जुकाम से पीड़ित था। परिजन उसे इलाज के लिए पास के ही गांव चुरसैन में झोलाछाप के पास लेकर पहुंचे। यहां भी इंजेक्शन लगने के बाद बच्चे की मौत हो गई थी।
केस-2
सासनी के एक नर्सिंग होम में सात मई को प्रसव के दौरान महिला व बच्चे की मौत हो गई थी। यह नर्सिंग होम भी पंजीकृत नहीं था। मेंडू के रहने वाले बंटू ने अपनी पत्नी पिंकी को भर्ती कराया था। प्रसव के दौरान ही महिला की हालत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग होम को सील किया था।
केस-3
29 मई 2026 को आगरा रोड स्थित एक अस्पताल में एक अस्पताल में डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत हो गई थी। प्रसूता मोहल्ला नवीपुर की रहने वाली थी। सीएमओ कार्यालय में पंजीकरण न होने के बाद भी यहां प्रसव व ऑपरेशन किए जाते हैं।

इन इलाकों में झोलाछापों का बोलबाला
  • चंदपा : चंदपा व क्षेत्र के गांव परसारा, रोहई, अर्जुनपुर सहित कई गांव।
  • मुरसान : कस्बे में सब्जी मंडी व स्टेशन रोड के अलावा गांव बर्द्धवारी, पटाखास चौराहा सहित अन्य गांवों में खुले हैं क्लीनिक।
  • सासनी : आशा नगर, विजयगढ़ रोड, गांव निनामई चौराहा, सासनी रेलवे स्टेशन, लुटसान आदि क्षेत्र हैं।
  • सादाबाद : मुरसान रोड, आगरा चुंगी, सहपऊ रोड, राय रोड के अलावा कस्बे से सटे गांव।
  • सहपऊ : हनुमान तिराहा, नई बस्ती, पुराना थाना, पुराना बाजार, होली गेट व सटे गांव।
  • सिकंदराराऊ : पुरानी तहसील रोड, मोहल्ला नौरंगाबाद, गौशगंज, मोहल्ला नौखेल, जामा मस्जिद रोड, मोहल्ला शाहबुद्दीनगंज तिराहा व क्षेत्र के गांव।
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