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Hathrtas News: मानसून जल्द आने की संभावना, हाथरस में गाद से अटे नाले-नाली, दोबारा करानी पड़ रही सफाई

Tue, 30 Jun 2026 03:08 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

नालों की समय रहते सफाई न होने और इसकी वजह से फैलने वाली गंदगी के चलते स्वच्छता की रैकिंग गिर चुकी है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में नगर पालिका की राज्य स्तर पर 188 वीं और राष्ट्रीय स्तर पर 235 वीं रैंक हासिल की थी, जबकि स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में हाथरस की राज्य स्तर पर रैंक 33 और राष्ट्रीय स्तर पर 192 थी।
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हाथरस शहर के नाले में भरी गंदगी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मानसून जल्द आने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन हाथरस शहर में नाला-नालों की सफाई की गति बेहद सुस्त है। अधिकांश नाला-नाली सिल्ट से भरे हैं। इससे लोग मानसून की पहली बारिश में ही शहर की सड़कों-गलियों में पानी भरने की आशंका जताते हुए चिंतित हैं।

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शहर के 13 नालों की सफाई के लिए नगर पालिका परिषद ने निविदा निकाली थी। 38 लाख रुपये के इस प्रस्ताव को मार्च 2026 में मंजूरी मिली थी। कोई भी कंपनी इस कार्य के लिए आगे नहीं आई। पहली बार निविदा रद्द होने के बाद दूसरी बार केवल एक ही कंपनी आई। मई के आखिर में जैसे-तैसे निविदा जारी की गई। कार्यदायी संस्था अभी तक सभी 13 नालों की सफाई पूरी नहीं कर सकी है। वहीं, नगर पालिका की टीम अपने संसाधनों से अन्य 18 नालों की सफाई में जुटी है। जिलाधिकारी भी नाला सफाई की इस धीमी गति पर नाराजगी जता चुके हैं।

जलभराव वाले क्षेत्र और सफाई कार्य
आगरा रोड चकलेश्वर बंबा नाला, नवीपुर चौराहा से शहीद पार्क तक, बीएच ऑयल मिल रोड, सादाबाद गेट, खातीखाना और जलेसर रोड नाले गंदगी से भरे हैं। शहर के अंदर नालियों की सफाई भी नहीं हुई है, जिससे जलभराव की आशंका है। मोहनगंज, पंजाबी बाजार, रामलीला मैदान, खातीखाना, भूरापीर और चामड़ गेट चौराहा जैसे इलाकों में अक्सर पानी भरता है। पालिका ने दो जेसीबी और 20 कर्मचारी नाला-नालियों की सफाई में उतारे हैं, हालांकि कई इलाके ऐसे हैं, जहां अभी तक सफाई नहीं हो सकी है।

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यहां दोबारा सफाई कराने की तैयारी
नगर पालिका की टीम ने तालाब चौराहा, मधुगढ़ी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, गणेशगंज से जलकल विभाग और बस अड्डे के पास नालों से सिल्ट निकलवाई थी।अब इन नालों की दोबारा सफाई कराने की तैयारी की जा रही है।

स्वच्छता श्रेणी में पीछे हाथरस पालिका
नालों की समय रहते सफाई न होने और इसकी वजह से फैलने वाली गंदगी के चलते स्वच्छता की रैकिंग गिर चुकी है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में नगर पालिका की राज्य स्तर पर 188 वीं और राष्ट्रीय स्तर पर 235 वीं रैंक हासिल की थी, जबकि स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में हाथरस की राज्य स्तर पर रैंक 33 और राष्ट्रीय स्तर पर 192 थी। इस बार की रैंकिंग के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम 7 से 10 मई तक सर्वे कर चुकी है।
नालों की सफाई का काम लगभग पूरा हो चुका है। दोबारा टीम लगाई गई है। शहर की संकरी गलियों में कर्मचारी लगाए गए हैं। शहर में जलभराव नहीं होने दिया जाएगा। हाल ही में पांच नए पंप सेट आए हैं। पुराने पंपसेट भी मौजूद हैं। जलभराव के दौरान जरूरत पड़ने पर ठेकेदार लगाए जाएंगे। -रोहित सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका।
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