रिश्ते के बुआ-भतीजे की आगरा में यमुना नदी में डूबकर मौत के बाद बुधवार को दूसरे दिन भी गांव कुंजलपुर में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। हालात ऐसे रहे कि कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले और हर आंख नम दिखाई दी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
यमुना नदी में नहाते समय मंगलवार को सादाबाद के गांव कुंजलपुर निवासी महक पुत्री कालीचरण (19), कान्हा पुत्र रिंकू (22), अंशुल पुत्र कालीचरण (20) के अलावा रिया पुत्री मनोज निवासी तारसी, थाना हाईवे, मथुरा (17), काजल पुत्री भूरी सिंह (17) तथा विक्की पुत्र राकेश निवासी विद्यानगर, थाना एत्माद्दौला (11) नदी की तेज धारा में डूब गए थे।
हादसे में महक, कान्हा, विक्की और रिया की मौत हो गई, जबकि अंशुल और काजल की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। मंगलवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही महक और कान्हा के शव गांव पहुंचे, पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। रिश्ते में बुआ-भतीजे लगने वाले कान्हा और महक के शव देखकर परिजन बेसुध हो गए।
कान्हा की बहन की तबीयत बिगड़ गई, जबकि कई अन्य महिलाएं और परिजन विलाप करते हुए बेहोश हो गए। गांव के लोगों ने किसी तरह सभी को संभाला। देर रात गांव के श्मशान घाट पर नम आंखों के बीच दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। बुधवार को गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा।
लोग एक-दूसरे के घर पहुंचकर ढाढ़स बंधाते नजर आए, लेकिन हर चेहरे पर हादसे का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। बता दें कि सभी युवक-युवतियां आगरा में एक जन्मदिन समारोह में शामिल होने गए थे। खुशी का वह पल अगले ही दिन मातम में बदल गया। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, उसकी आंखें नम हो गईं।