हाथरस में मंडी समिति व अन्य क्रय केंद्रों पर अभी तक सन्नाटा पसरा हुआ है और गेहूं की खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। अब तक 12500 क्विंटल गेहूं की ही खरीद हुई है। इसके चलते अधिकारी भी परेशान हैं।
हाथरस जिले में वर्तमान में 67 हजार मैट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था और इसके लिए जिले भर में 68 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। एक अप्रैल से इन केंद्रों पर गेहूं खरीद की शुरुआत हुई। केंद्र प्रभारियों व अधिकारियों की मानें तो किसानों को भुगतान ऑनलाइन खाते में किया जा रहा है। अधिकांश किसानों पर केसीसी ऋण का बकाया है। उन्हें लगता है कि खाते में यदि पैसा आया तो बैंक ऋण का पैसा काट लेंगे और वह दूसरी जरूरत पूरी नहीं कर पाएंगे। इसके चलते किसान सरकारी खरीद केंद्र पर गेहूं बेचने से बच रहे हैं। डिप्टी आरएमओ शिशिर कुमार का कहना है कि 700 किसानों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन अब तक 312 किसानों ने ही 12500 क्विंटल गेहूं बेचा हैं।
केंद्र पर छनाई के बीस रुपये की कटौती भी है एक वजह
क्रय केंद्र पर वर्तमान में 2125 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद की जा रही है। इसमें भी बीस रुपये कुंतल की छनाई सफाई का लिया जाता है। आढ़त पर रेट वहीं है, लेकिन वहां पर गेहूं छनाई का पैसा नहीं लिया जाता है। इससे किसानों को सीधा 20 रुपये प्रति क्विंटल का फायदा हो रहा है।
खुले बाजार में ज्यादा है भाव
आढ़तों पर गेंहू 2150 रुपये प्रति कुंतल की दर से लिया जा रहा है। इस साल पिछले साल की अपेक्षा गेहूं की गुणवत्ता हल्की है। भुगतान भी नकद दिया जा रहा है। इस वजह से किसान आढ़त पर गेहूं बेच रहे हैं।
-अशोक वार्ष्णेय, आढि़तिया
गेंहू के दामों में हर रोज उतार चढ़ाव आ रहा है। इस बार गेहूं 2130 से 2150 पचास रुपये के भाव पर खरीदा जा रहा है। क्रय केंद्रों पर 2125 रुपये प्रति कुंतल की दर से खरीद हो रही है।
-अशोक आढ़तिया