कार्यक्रम के आयोजक राकेश बघेल ने कहा कि वह छह महीने से अहिल्याबाई की जयंती मनाने के लिए कार्य कर रहे थे। आयोजन की सफलता को रोकने के लिए उन्हें अनुमति देने के नाम पर तरह-तरह से परेशान किया गया। अनेक नई शर्तें उनके सामने लगाई गईं, लेकिन उन्होंने संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ा। उनकी सपा के सांसद और विधायकों से मांग है कि प्रदेश में 300 स्थानों पर 25 फीट ऊंची माता अहिल्याबाई की प्रतिमाएं स्थापित की जाएं। अहिल्याबाई की जयंती पर सरकारी अवकाश घोषित किया जाए।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने माता अहिल्याबाई के छवि चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में आए लोगों का पीला साफा बांधकर सम्मान किया गया। सम्मेलन में लक्ष्मी धनगर, करहल विधायक तेज प्रताप, हेमंत बघेल, विजेंद्र बघेल, बबलू होल्कर, असीम यादव, एटा सांसद देवेश शाक्य, पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल, दक्ष प्रजापति, नवल किशोर शाक्य, विक्रम सिंह यादव, राजकुमार पाल, धर्म सिंह धनगर, मंजू बृजवासी आदि ने विचार व्यक्त किए। माताप्रसाद पांडेय और श्यामलाल पाल को चांदी का मुकुट पहनाकर और तलवार भेंटकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर देवेंद्र कुशवाहा, युवराज सिंह यादव, सुनील यादव, पुष्पेंद्र यादव, सुशील यादव, रामेश्वर पहलवान, डॉ. विद्याराम यादव आदि मौजूद थे।
बाहर से आने वाले वाहनों को रोकने का आरोप
आयोजक राकेश बघेल ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि कार्यक्रम में अनेक अड़ंगे लगाए गए और बाहर से आने वाली बसों व वाहनों को सम्मेलन में आने से रोका गया।