गंगा दशहरा की पूर्व संध्या पर पतंग खरीदते बच्चे व युवा।
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हाथरस। इस बार गंगा दशहरा पर अद्भुत संयोग बन रहा है। विद्वानों की मानें तो जिन दस योग में मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई हुई थीं, ठीक वही संयोग 12 जून को गंगा दशहरा पर बन रहा है। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष दशमी को मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरित होने की मान्यता है। पंडित सीपूजी महाराज ने बताया कि गंगा दशहरा के दिन सभी दस योग नहीं मिलते हैं। हर साल छह या आठ योग ही बनते हैं। लेकिन इस बार दसों योगों का दिव्य संयोग है। दशमी तिथि, बुधवार, हस्त नक्षत्र, व्यातिपात योग, गर, करन, कन्या का चंद्रमा, वृष का सूर्य, और आनंद योग इस बार बन रहा हैं। सोमवती अमावस्या और गंगा दशहरा पर स्नान का खासा महत्व है। पुण्य योगों के साथ बुधवार को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। पंडित सीपूजी ने बताया कि दशहरा पर्व पर गंगा स्नान का खासा महत्व है।
पतंगबाजी की रहेगी धूम
गंगा दशहरा पर युवाओं द्वारा पतंगबाजी भी की जाएगी। सुबह से लोग छतों पर पतंगबाजी में व्यस्त होंगे। पेच लड़ाने के साथ वो काटा की गूंज सुनाई देगी। ढोल-नगाड़ों पर युवा थिरकते नजर आएंगे। मंगलवार को शहर के दिल्ली वाला चौक, घंटाघर, पत्थर बाजार आदि स्थानों पर पतंग, मांझा व चरखी खरीदने वालों की खासी भीड़ रही।
गंगा घाटों के लिए दौड़ेंगी एक दर्जन बसें
हाथरस। इस बार गंगा दशहरा पर यात्रियों को कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए रोडवेज द्वारा गंगाघाटों के लिए एक दर्जन बसों का संचालन किया जा रहा है। हरिद्वार और राजघाट सहित सभी गंगाघाटों के लिए रोडवेज द्वारा अतिरिक्त बसों का संचालन शुरू किया ंगया है। यात्रियों की संख्या के आधार और बसें लगाई जाएंगी। इस मामले में राडवेज के कार्यवाहक स्टेशन प्रभारी का कहना है कि दशहरा पर्व पर गंगा घाटों के लिए एक दर्जन बसें लगाई गई हैं।
गंगा स्नान को रवाना होंगे लोग
गंगा दशहरा को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार, राजघाट, सोरों, कछला, नरौरा आदि घाटों के लिए रवाना होंगे। सुबह से दान पुण्य के साथ भक्ति की बयार बहेगी। कई जगह शर्बत की प्याऊ लगाई जाएंगी। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ भव्य शृंगार होंगे।