संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
शासन स्तर से मुफ्त में राशन डीलरों के माध्यम से खाद्यान्न दिए जाने व एक -एक हजार रुपये की किश्त दिए जाने की घोषणा के बाद क्षेत्रों में दलाल सक्रिय हो गए हैं। लोगों ने पांच रुपया फॉर्म के हिसाब से फॉर्मों को भरवाना भी शुरू कर दिया गया है। क्षेत्रों में दलालों के एक्टिव होने की सूचनाएं भी जिला प्रशासन को मिलने लग गई हैं और प्रशासन की ओर से दलालों की धरपकड़ के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। डीएसओ ने बताया कि मुफ्त खाद्यान्न सिर्फ उन्हीं को मिलेगा, जिनके पास राशन कार्ड है और जो पहले से अन्य विभागों में रजिस्टर्ड हैं। दलालों पर शिकंजा कसने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कोरोना वायरस को लेकर शासन स्तर से मजदूरों, मनरेगा जॉब कार्डधारकों, नगर निकायों में रजिस्टर्ड हथठेला वाले आदि रजिस्टर्ड मजदूरों को मुफ्त में राशन कार्ड के माध्यम से खाद्यान्न मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं रजिस्टर्ड मजदूरों को एक-एक हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में भेजे जाने की व्यवस्था की गई है। इन निर्देशों पर प्रशासन स्तर से कार्रवाई शुरू की गई है। दूसरी ओर क्षेत्रों में मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने, एक-एक हजार रुपये उपलब्ध कराने के नाम पर दलालों ने फॉर्मों को भरवाना शुरू कर दिया है। जरूरतमंदों को ये फॉर्म पांच रुपये में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। खाद्यान्न व धनराशि दिलाने के नाम पर भी पैसे ऐंठे जा रहे हैं। अब इन दलालों के सक्रिय होने की सूचना जिला प्रशासन सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को भी मिलने लग गई है। डीएसओ सुरेंद्र यादव ने बताया कि शासन के निर्देशों के क्रम में मनरेगा एक्टिव जॉब कार्डधारक, अंत्योदय कार्डधारकों को मुफ्त में खाद्यान्न मिलेगा। श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों और नगर निकायों में रजिस्टर्ड रिक्शा चालक, ई-रिक्शा चालक वालों को ही इस श्रेणी में शामिल किया गया है। अंत्योदय कार्डधारकों को 15 किलो चावल, 20 किलो गेंहू दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में 16,851 अंत्योदय कार्डधारक, मनेरगा के एक्टिव जॉब कार्डधारक 36 हजार व श्रम विभाग के एक्टिव मजदूर करीब 14 हजार हैं, जोकि इस श्रेणी में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी कोई दलाल पकड़ में आएगा, कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।