पशुपालन विभाग में बहुद्देशीय वाहनों के चालकों के वेतन से सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा मनमाने ढंग से वेतन की कटौती करने का मामला सामने आया है। वाहन चालकों ने जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की है।
डीएम के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) ने संस्था को दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि करीब दो साल से वेतन से मनमाने ढंग से कटौती की जा रही थी, लेकिन अधिकारी आंख मूंदकर इनके वेतन प्रमाणपत्र संबंधी दस्तावेजों पर अपनी मुहर लगा रहे थे। अब मामले के सुर्खियों में आने के बाद विभागीय अधिकारी व कर्मचारी परेशान हैं।
जिले में पशुपालन विभाग में बहुद्देशीय योजना में प्रत्येक ब्लॉक में क्यूक सिक्योरिटी सर्विस नामक सेवा प्रदाता एजेंसी के माध्यम से वाहन चालक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। एजेंसी द्वारा चालकों को कम वेतन देने का मामला सामने आया है। इस संंबंध में वाहन चालक युवराज सिंह ने डीएम से शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि उनके वेतन से ईपीएफ व ईएसआई की कटौती नहीं की जा रही है। अन्य जिलों की अपेक्षा हाथरस जिले में कंपनी द्वारा महज 7500 रुपये वेतन दिया जा रहा है। करीब दो साल से यही धनराशि वेतन के रूप में चालकों को दी जा रही है। हैरानी की बात यह है कि शासन की ओर से बेसिक वेतन 11,743 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही 1527 रुपये ईपीएफ व 382 रुपये ईएसआई की कटौती करने के भी आदेश हैं। बिना इनकी कटौती के वेतन संबंधी दस्तावेजों पर प्रतिमाह अधिकारी भी आंख मूंदकर मुहर लगा रहे हैं। मामला सुर्खियों में आने के बाद अब संबंधित कंपनी से जवाब तलब किया गया है।
वाहन चालकों को कितना वेतन दिया जा रहा है, संबंधित कंपनी से इस संबंध में जवाब मांगा गया है। संबंधित कंपनी से पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है। इस संबंध में डीएम के यहां शिकायत हुई थी।
-डॉ. विजयवीर चंद्रयान, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी