अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने प्राण घातक हमले के चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। उन्होंने चारों को 10-10 साल की कैद एवं 11-11 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अर्थदंड अदा नहीं करने पर 10-10 महीने की अतिरिक्त कैद भुगतने के आदेश दिए हैं।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक अतुल शर्मा पुत्र भूपेंद्र शर्मा निवासी एेंहन ने कोतवाली हाथरस जंक्शन में 28 मई 2012 को तहरीर दी। इसमें उसने कहा कि 27 जून 2012 को शाम करीब साढ़े पांच बजे वादी और वादी के पिता भूपेंद्र शर्मा एवं वादी का चचेरा भाई रामखिलाड़ी अपने खेत की जुताई कर रहे थे। इस दौरान उसके गांव निवासी अतुल पुत्र गजेंद्र, धर्मवीर उर्फ टीटू, रामेंद्र उर्फ करुआ, बबलू पुत्र उदयभान सिंह, विनीत उर्फ भोला एवं यशपाल पुत्र होतीलाल निवासी श्याम नगरिया एवं दो आज्ञात व्यक्ति तमंचे से लैस होकर वादी के श्याम नगरिया स्थित खेत पर आए।
आते ही सभी लोगों ने जान से मारने की नीयत से उसके पिता के ऊपर गोलियां चला दीं। वादी के पिता को गोलियां लगने से गंभीर चोटें आईं। वादी के भाई और पिता की चीख-पुकार एवं गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग एवं वादी के गांव के लोग मौके पर आ गए, जिसके बाद वादी के पिता को बागला जिला अस्पताल लाया गया। जहां से उनको गंभीर अवस्था में उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में आगरा भर्ती कराया गया।
पुलिस ने इस मामले में जांच के बाद यशपाल, विनीत, बबलू और अतुल आदि चार लोगों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने सुनवाई के बाद अभियुक्त यशपाल को 25 आयुध अधिनियम के तहत तीन वर्ष की सश्रम कारावास एवं तीन हजार के अर्थदंड से दंडित किया है, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से इसी मामले में नेमवती पत्नी यशपाल ने भी भूपेंद्र उर्फ भूरा, ओमदत्त उर्फ अन्नी, मुनेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें न्यायालय ने दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद तीनों आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
दोहरे हत्याकांड में प्रवक्ता ने किया सरेंडर
शहर कोतवाली क्षेत्र में दो साल पूर्व रैगिंग का विरोध करने पर दिल्ली वाला मोहल्ला में हुई दो युवकों की हत्या के मामले में फरार चल रहे प्रवक्ता ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया। न्यायालय इस शिक्षक के खिलाफ धारा 82-83 के तहत कार्रवाई के आदेश पहले ही कोतवाली पुलिस को दे चुका है। गौरतलब है कि दो सितंबर 2014 को शहर के बीचो-बीच मोहल्ला दिल्ली वाला चौक निवासी अंशुल कौशिक और उसके दोस्त केशव निवासी गली बख्तावर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अंशुल का छोटा भाई रिषभ कौशिक एमजी पॉलीटेक्निक में इलेक्ट्रॉनिक्स द्वितीय वर्ष का छात्र था। उसने रैगिंग की शिकायत पॉलीटेक्निक के प्रधानाचार्य से की थी। इसी विवाद में यह हत्याकांड हुआ था। कोर्ट ने हाजिर नहीं होने पर पिछले दिनों प्रवक्ता बांकेलाल यादव के खिलाफ कुर्की नोटिस जारी किया था, जिसके बाद उन पर पेश होने का दबाव था।