हाथरस को जिला बनाने की मांग 1990 में उठने लगी थी। तीन मई 1997 को तत्कालीन उर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के प्रयासों से इसकी घोषणा हुई। अलीगढ़ की हाथरस, सिकंदराराऊ व इगलास और मथुरा की सादाबाद तहसील को अलीगढ़ और मथुरा जनपदों से अलग कर नया जिला बनाया गया था। वहां के लोगों ने विरोध किया तो इगलास तहसील को फिर अलीगढ़ जिले में शामिल कर दिया गया। हाथरस लोकसभा क्षेत्र में आज भी इगलास शामिल है। तब सासनी को शामिल करते हुए हाथरस को चार तहसील दी गई।
उम्मीदों के अनुरूप उद्योग धंधों को नहीं मिल पाया लाभ
जिला बनने के बाद लोगों को यह उम्मींद थी कि उद्योग धंधों का विकास होगा। हाथरस की पहचान पहले की तरह कानपुर के बाद प्रदेश में दूसरा औद्योगिक शहर बन जाएगा। शहर में रंग-गुलाल उद्योग, दाल उद्योग, हैंडीक्राफ्ट उद्योग के अलावा सिकंदराराऊ के पुरदिलनगर का मूंगा मोती उद्योग, सासनी का कांच उद्योग, बिसावर का चांदी उद्योग को सरकारी प्रोत्साहन नहीं मिला। हाथरस का दलहन उद्योग, मूंगा मोती उद्योग, सासनी का कांच उद्योग दम तोड़ गए। शहर के तीन बड़े मिल भी खत्म हो गए।
हाथरस में 28 साल बाद भी ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बना। इसका सीधा असर जनपद के उद्योग धंधों पर पड़ा है। एक जनपद एक उत्पाद में हींग उद्योग व रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग के शामिल हुआ है। हसायन के इत्र, गुलकंद, गुलाब जल उद्योग को जीआई टैग मिला है।
स्वास्थ्य औरव्यवसायिक शिक्षा में जिला फिसड्डी
हाथरस जिला सबसे ज्यादा स्वास्थ्य सेवाओं में फिसड्डी है। जिला स्तरीय सरकारी अस्पताल हैं, लेकिन यहां भी पर्याप्त चिकित्सक व संसाधन नहीं है। हाथरस से बाद में जो जनपद बने, वहां मेडिकल कॉलेज खुल गए, लेकिन 28 साल बाद भी हाथरस जिले में मेडिकल कॉलेज नहीं बना। छोटी बीमारियों के लिए भी यहां के मरीजों को आगरा या अलीगढ़ भेजा जाता है। यहां सरकारी व्यवसायिक शिक्षा के नाम पर कोई उच्च संस्थान नहीं है। सात दशक पुराने एमजी पॉलीटेक्निक को भी इंजीनियरिंग कॉलेज का दर्जा नहीं मिला।
हाथरस जिले में आज भी नहीं कई जिला स्तरीय कार्यालय
जिले में अभी भी भूगर्भ जल विभाग, प्रदूषण नियंत्रण विभाग के कार्यालय नहीं है। नेडा का दफ्तर यहां नहीं हैं। अभी भी यहां अलीगढ़ और हाथरस की सहकारी बैंक ही संचालित है। जिला बनने के बाद महिला थाना व साइबर थाना की बात छोड़ दें तो जिले में कोई नया थाना नहीं बना। कोई नई नगर पंचायत नहीं बनी। कोई नया ब्लॉक सृजित नहीं हुआ।