शीतगृह में लगी आग चार दिन तक सुलगती रही। दमकलें लगातार पानी आग पर डालती रही। इस दौरान करीब 24 लाख लीटर पानी आग बुझाने के लिए इस्तेमाल किया गया।
40 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान
शीतगृह में सबसे पहले चैंबर संख्या पांच में आग लगी थी। इसमें किराने का सामान रखा हुआ था। इसके बाद आग चैंबर संख्या चार तक भी पहुंच गई। आग में काली मिर्च, लाल मिर्च, सौंफ, छुआरे, कूटू, गोला, मिश्री, काजू, पिस्ता, बादाम, अखरोट और गुड़ आदि सामान जलकर राख हो गया। करीब 40 करोड़ रुपये से ज्यादा का सामान जल गया है।
लगा रहा किसानों का जमावड़ा
5 अप्रैल को भी शीतगृह पर किसानों का जमावड़ा लगा रहा। जिन किसानों के आलू इस शीतगृह में रखे हैं, वह स्थिति की जानकारी लेते रहे। आलू को नुकसान पहुंचने की आशंका से किसान काफी चिंतित थे।