यहां लाल मिर्च, काली मिर्च, गुड़, आदि के साथ ड्राई फ्रूट भी थे। मिर्च जलने के कारण धुएं और हवा के साथ उसकी धास फैल गई। आसपास इलाके में सांस लेना मुश्किल हो गया। धास इतनी तेज थी कि दमकल कर्मियों को आग बुझाने के लिए चैंबर में घुसना मुश्किल हो गया।
दोपहर करीब दो बजे दो जेसीबी मंगाकर शीतगृह के पीछे की दीवार तोड़कर चैंबर से माल निकालकर खेत में रखा, फिर वहां से आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए। आग लगने से करोड़ों रुपये की क्षति होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि नुकसान की स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं है। मंगलवार रात 12 बजे तक आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे थे।
इस शीतगृह में पांच चैंबर है और इनकी क्षमता 2.50 लाख कट्टों की है। अन्य चैंबरों में आलू रखा हुआ था। आलू किसानों ने शीतगृह के सामने आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब 15-20 मिनट बाद अधिकारियों ने उन्हें समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया।
आग लगने की सूचना मिली थी। इस चैंबर में मिर्च व अन्य सामान रखा गया था। आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्टॉक बहुत है। मिर्च का धुआं हवा के साथ फैल रहा है, जिससे आंखों में परेशानी हो रही है। -आरके वाजपेयी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी