नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्वेता चौधरी के मुरसान गेट पर वसुंधरा कॉलोनी स्थित शिविर कार्यालय के निकट शुक्रवार की दोपहर को सफाई कर्मचारियों के दो गुटों में विवाद हो गया। दोनों गुटों में जमकर मारपीट हुई और पथराव किया गया, जिसमें दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के संबंध में कोतवाली सदर में तहरीर दी गई है। पुलिस ने घायलों का बागला जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया है। हालांकि, पुलिस ने पथराव की घटना से इनकार किया है। तहरीर के आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता चौधरी का शहर के मुरसान गेट स्थित वसुंधरा कॉलोनी में आवास है। आवास के ही नजदीक उनका शिविर कार्यालय भी है। शुक्रवार की सुबह नगर पालिका में आउटसोर्सिंग पर तैनात सफाई कर्मचारी अपनी समस्याओं को लेकर उनसे मिलने गए थे। तभी किसी बात को लेकर वहा सफाई कर्मचारियों के दो गुटों में विवाद हो गया।
पहले इन लोगों में गाली-गलौज हुई और उसके बाद बात मारपीट तक पहुंच गईं। कुछ लोगों ने वहां पथराव कर दिया, जिससे कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर के लिए तो कॉलोनी के लोग दहशत में आ गए। सूचना पर एसडीएम सदर रवींद्र सिंह, सीओ सिटी सुरेंद्र सिंह व कोतवाली सदर प्रभारी शिवकुमार शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने वहां पहुंचकर घटना के बारे में लोगों से जानकारी ली।
मारपीट व पथराव में सैमसन पुत्र मसी दयाल निवासी कोठी बेलनशाह कोतवाली सदर व राहुल पाथरे पुत्र गिरधारी लाल निवासी मोहल्ला कोतवाली सदर घायल हो गए। घायलों ने बताया कि दिवाली का त्योहार नजदीक आ रहा है, इसलिए वह अपने एक माह के वेतन संबंधी बातचीत करने के लिए वह नगर पालिका अध्यक्ष से मिलने गए थे। तभी रास्ते में उन्हें एक युवक मिला। इस युवक ने नौकरी लगवाने के नाम पर लिए 30 हजार रुपये लिए थे। पैसे वापस करने की बात कहीं तो यह युवक और उसके साथ मौजूद युवकों ने मारपीट कर दी। घटना के संबंध में कोतवाली सदर में तहरीर दी गई है। पुलिस ने दोनों ही घायलों का बागला जिला अस्पताल में उपचार कराया है। पुलिस ने पथराव की घटना से इनकार किया है।
पथराव जैसी कोई बात नहीं है। घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
-सुरेंद्र सिंह, सीओ सिटी।
मेडिकल परीक्षण में देरी पर किया प्रदर्शन
हाथरस। नगर पालिका में तैनात आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों में शुक्रवार को हुई मारपीट और पथराव की घटना में घायल दोनों युवकों का बागला जिला अस्पताल की इमरजेंसी में काफी देर तक मेडिकल परीक्षण नहीं होने पर साथी कर्मचारियों का गुस्सा फूट गया। गुस्साए लोगों ने अस्पताल में खड़े होकर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को हुई तो तुरंत इमरजेंसी में चिकित्सक को भेजा गया और घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया। तब प्रदर्शनकारी शांत हुए।