बागला जिला अस्पताल में हंगामे के दौरान लगी भीड़। संवाद
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बागला जिला अस्पताल में शुक्रवार की सुबह चिकित्सक और इमरजेंसी में तैनात गार्ड के बीच बाइक खड़ी करने के विवाद में मारपीट हो गई। एक घंटे तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में सीएमएस ने दोनों पक्षों को बैठाकर मामले को शांत कराया। इस दौरान मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बागला जिला अस्पताल में सेना से रिटायर जवानों को सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किया गया है। शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे सादाबाद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा पर तैनात एक चिकित्सक अपनी बाइक से जिला अस्पताल पहुंचे। वह यहां इमरजेंसी के बाहर बाइक खड़ी करने लगे। इस दौरान यहां तैनात सुरक्षाकर्मी ने उनसे बाइक को अन्य स्थान पर खड़ी करने के लिए कहा।
इसे लेकर चिकित्सक व गार्ड के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। धक्का-मुक्की भी हुई। जानकारी मिलते ही अन्य गार्ड भी मौके पर एकत्रित हो गए। मामले ने तूल पकड़ लिया। गार्ड और चिकित्सक के बीच मारपीट होने लगी। यह देखकर अस्पताल का अन्य स्टाफ और मरीज भी मौके पर आ गए। पुलिस भी पहुंच गई।
इधर, हंगामे की सूचना पर सीएमएस डॉ. सूर्यप्रकाश भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने दोनों पक्षों को इमरजेंसी कक्ष में बैठाकर वार्ता की और मामले को शांत कराया। इस मामले में दोनों में से किसी भी पक्ष ने पुलिस से कोई शिकायत नहीं की है।
अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मी व एक चिकित्सक में गलतफहमी में कहासुनी हो गई थी। मामले को शांत करा दिया गया है। फिलहाल दोनों की ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है।
-डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल।