बागला जिला अस्पताल में 550 से अधिक बुखार के मरीज पहुंचे। प्रयोगशाला में बुखार के 350 मरीजों के खून की जांच कराई गई। जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी बुखार के मरीजों की भीड़ रही। यहां भी बुखार पीड़ित मिले मरीजों के खून की जांच कराई गई।
हाथरस जिले में मौसम के बदलाव के साथ शुरू हुआ बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा। सोमवार को मुरसान क्षेत्र के गांव कोरना निवासी 48 वर्षीय उमेशचंद्र पुत्र बाबू सिंह की बुखार से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उन्हें पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था। उनकी मौत से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
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अक्तूबर माह में बुखार से 12 लोगों की मौत हो चुकी है। साेमवार को बागला जिला अस्पताल में 550 से अधिक बुखार के मरीज पहुंचे। प्रयोगशाला में बुखार के 350 मरीजों के खून की जांच कराई गई। जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी बुखार के मरीजों की भीड़ रही। यहां भी बुखार पीड़ित मिले मरीजों के खून की जांच कराई गई। निजी चिकित्सकों के यहां भी बुखार पीड़ितों की भीड़ उमड़ रही। सुबह-शाम यहां मरीजों की कतारें दिखाई दे रही हैं। इनके यहां सभी बेड भी बुखार के मरीजों से भरे पड़े हैं।
इधर, ग्रामीण अंचल में बुखार के मरीजों की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें दौड़ रही हैं। टीमें गांवों में शिविर लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ.मंजीत सिंह ने बताया कि जो व्यक्ति बुखार से पीड़ित हैं, वह किसी अच्छे चिकित्सक से परामर्श लेकर उपचार कराएं। बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी एहतियात भी बरतें।