टीम ने इस दौरान 58 घरों में पहुंचकर 70 लोगों का परीक्षण किया गया। नौ लोगों के रक्त के नमूने जांच के लिए जिला लैब भेजे गए। तीन घरों में डेंगू का लार्वा मिलने पर टीम ने उसे नष्ट कराया।
अलीगढ़ में दादों के गांव खिरीरी मस्तीपुर में बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। 2 अक्टूबर को स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया और टीम ने घर-घर में सर्वे अभियान चलाया, जहां तीन घरों में डेंगू का लार्वा मिलने पर उसे नष्ट करा दिया।
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गांव में बुखार और अन्य बीमारियों से लोग एक माह से पीड़ित चल रहे हैं, अमर उजाला में 2 अक्तूबर के अंक में इसे प्रमुखता से उठाए जाने पर सीएमओ ने सीएचसी बिजौली से ब्लॉकस्तरीय टीम को गांव में भेजा। टीम ने बुखार और सर्दी से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उनके खून की जांच की तथा मौके पर दवा वितरित की।
नौ लोगों के रक्त के नमूने जांच को भेजे
टीम ने इस दौरान 58 घरों में पहुंचकर 70 लोगों का परीक्षण किया गया। नौ लोगों के रक्त के नमूने जांच के लिए जिला लैब भेजे गए। तीन घरों में डेंगू का लार्वा मिलने पर टीम ने उसे नष्ट कराया। गांव में एंटी लार्वा कीटनाशक का छिड़काव, फोकल स्प्रे और सोर्स रिडक्शन एक्टिविटी कराई गई। साथ ही ग्रामीणों को पैम्फलेट देकर जागरूक किया गया तथा घरों में जलभराव न करने और पानी रखने वाले बर्तनों को हफ्ते में एक बार साफ करने की सलाह दी गई।
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गांव के बाहर उपचार करा रहे लोगों की जानकारी जुटाई
ग्राम प्रधान कुमार पाल यादव से पूरे गांव में फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव कराने का अनुरोध भी किया गया। टीम गांव के उन मरीजों की जानकारी भी जुटा रही है जो बाहर उपचार करा रहे हैं। अभियान में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नवीन कुमार, डॉ. नबील अहमद, उदित, अरविंद शिवम्, रूपेश और शिशुपाल शामिल रहे।