वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए जीएसटी के एएसएमटी-10 (मिसमैच ट्रांजेक्शन) को लेकर करीब 1008 नोटिस जारी किए गए थे। इसमें पंजीकृत फर्म द्वारा जीएसटी के रिटर्न में मिलने वाली विसंगति का जवाब दिया जाना था, करीब तीन माह का समय मिलने के बाद भी नोटिस का जवाब न देने वाले 522 कारोबारियों पर कर निर्धारण की कार्रवाई की गई है। उन्हें डीआरसी-01 के नोटिस जारी किए गए हैं।
जनपद में जीएसटी के तीन खंडों में से एक को खत्म कर दिया गया है। अब दो खंडों का संचालन किया जा रहा है। इसमें करीब 19 हजार कारोबारी पंजीकृत हैं। इनके द्वारा भरे जाने वाले जीएसटी रिटर्न में कुछ एंट्री के मेल न खाने पर एआई के जरिये एएसएमटी-10 के 1008 नोटिस जारी किए गए थे। इन नोटिसों के जवाब में कारोबारियों को अपनी एंट्री की पूरी जानकारी देनी थी, ताकि कार्रवाई से बचा जा सके।
इसमें कुछ कारोबारियों ने जवाब ही नहीं दिये, जबकि कुछ कारोबारियों द्वारा दिए गए जवाब स्वीकार करने योग्य नहीं थे। इस पर अब उन्हें डीआरसी-01 की कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें अब 522 कारोबारियों को फिर एक मौका दिया गया है कि वह इन बेमेल एंट्री को लेकर दस्तावेजों सहित उत्तर दें, अन्यथा उन पर एक माह बाद डीआरसी-07 की कार्रवाई की जाएगी, जिसमें बेमेल ट्रांजेक्शन को लेकर कर की मांग निकाली जाएगी। इसे लेकर उपायुक्त राज्य जीएसटी आरके सिंह ने बताया कि सभी 522 कारोबारियों पर डीआरसी-01 की कार्रवाई की गई है।