संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर योजना (राष्ट्रीय टिकाऊ खेती अभियान) के अंतर्गत क्षेत्र के गांव मढ़ापिथू में मंगलवार को कृषक गोष्ठी/प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में किसानों को जैविक खेती के बारे में जानकारी प्रदान की गई। गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञों द्वारा जैविक खेती के गुर सिखाए गए।
कृषि को नया आयाम देने के लिए राष्ट्रीय टिकाऊ खेती अभियान के नाम से नई योजना को लागू किया गया है। केंद्र की इस योजना के क्रियान्वयन के लिए कृषि एवं इससे जुड़े अधिकारियों ने इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करना शुरू कर दिया है। गांव मढ़ापिथू में हुई गोष्ठी में कृषि विभाग के मंडलीय उपनिदेशक शोध अलीगढ़ मंडल डॉ. वीके सचान ने किसानों से कहा कि वह सस्ती और टिकाऊ खेती के लिए जैविक खेती को अपनाएं। यह रासायनिक खेती के मुकाबले कम खर्चीली, टिकाऊ और स्वस्थ प्रक्रिया है।
इसमें रासायनिक खाद, रासायनिक कीटनाशक और रासायनिक खरपतवारनाशी दवाओं के स्थान पर जैविक खाद और जैविक कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाता है। खाद के रूप में गोबर खाद, मटका खाद, केंचुआ खाद, आदि का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह खाद खेतों की मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाती है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी यतेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में प्रतिदिन प्रत्येक विकास खंड के सात गांव में जैविक खेती पर गोष्ठी आयोजित की जा रही है।
जिले में जैविक खेती के लिए 49 मॉडल गांव और हर गांव में 30 किसानों का चयन किया गया है। इन किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरूक किया जा रहा है। 31 दिसंबर तक यह अभियान अनवरत रूप से चलाया जाएगा। संचालन योगेश सारस्वत ने किया। मौके पर प्रीती चौधरी, गौरीशंकर, विजय गौतम, वीके शर्मा, रवि कुमार, प्रमोद त्यागी, राजेंद्र, मुनेंद्र के अलावा राहुल चौधरी, रामेश्वर सिंह, भगवती प्रसाद, मनवीर सिंह, वेदवीर सिंह, हरिओम सिंह, राजू आदि थे।