सादाबाद तहसील में आलू की माला पहनकर झाड़ू लगाते किसान। स्रोत : स्वयं
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तहसील परिसर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) गुट के अनिश्चितकालीन धरने के 24वें दिन बुधवार को किसानों ने अनोखा प्रदर्शन किया। किसानों ने आलू की माला पहनकर तहसील परिसर में झाड़ू लगाई और कहा कि फसलों का भाव न मिलने से परिवार का भरण-पोषण नहीं हो पा रहा है तो उन्हें तहसील में संविदा पर स्वच्छता कर्मी ही नियुक्त कर दिया जाए।
मंडल उपाध्यक्ष चंद्रेश चौधरी ने कहा कि इस बार आलू की बेकद्री ने किसानों की कमर तोड़ दी है। हालात ऐसे हो गए हैं कि किसानों के सामने परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो रहा है। आलू की फसल की लागत तक नहीं निकल पाई है, जिससे किसान आर्थिक संकट में हैं।
किसानों का कहना है कि धरने को 24 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक शासन-प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया है। इस मौके पर विश्वजीत आर्य, बनी सिंह पहलवान, श्री राम चौधरी, विक्रम सिंह वर्मा, देवेंद्र सिंह यादव आदि किसान मौजूद थे।
आज सादाबाद पहुंचेंगे राकेश टिकैत
किसानों के आंदोलन को मजबूती देने के लिए बृहस्पतिवार को भाकियू टिकैत के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत सादाबाद पहुंचकर धरने में शामिल होंगे। टिकैत के आगमन को लेकर यूनियन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता गांव-गांव संपर्क कर किसानों से अधिक से अधिक संख्या में धरना स्थल पर पहुंचने की अपील की।