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आर-पार के मूड में किसान, आज करेंगे तहसील का घेराव

Fri, 28 Dec 2018 12:39 AM IST
Mohd Rafeek न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
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नौगांव में होती किसान पंचायत को संबोधित करते पूर्व विधायक प्रताप चौधरी। - फोटो : अमर उजाला
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सादाबाद। आवारा पशुओं के आतंक से परेशान हो चुके किसान अब आरपार के मूड में हैं। गुरुवार को नौगांव में किसानों की महापंचायत हुई। पंचायत में प्रशासन की चेतावनी को दरकिनार करते हुए आवारा पशुओं के खिलाफ चल रहे आंदोलन को धार देने की रणनीति तय की गई। निर्णय लिया गया कि शुक्रवार को सादाबाद और सहपऊ क्षेत्र के हजारों किसान सादाबाद तहसील पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।  
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गुरुवार को नौगांव स्थित एक मंदिर पर हुई किसान महापंचायत में पूर्व विधायक प्रताप चौधरी ने कहा कि प्रशासन को किसानों की कोई फिक्र नहीं है। किसानों की फसल को आवारा पशु लगातार रौंदकर नष्ट कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन समस्या के समाधान करने की बजाय किसानों पर एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दे रहा है, लेकिन किसान इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए ही पशुओं को स्कूलों में बंद कर रहे हैं। अगर इन पशुओं का प्रशासन इंतजाम करा दे तो यह नौबत ही नहीं आए। उन्होंने कहा कि सरकार ने आवारा पशुओं के रखरखाव के लिए हर जिले को अलग से बजट जारी किया है, लेकिन हाथरस जिले में आवारा पशुओं के लिए कोई इंतजाम ही नहीं किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि 28 दिसंबर को सुबह 10 बजे सादाबाद तहसील में हजारों किसान धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने सादाबाद विधानसभा क्षेत्र के सभी किसानों से अधिकाधिक संख्या में सुबह 10 बजे तक सादाबाद तहसील पहुंचने का आह्वान किया है। रालोद के प्रदेश महासचिव गुड्डू चौधरी ने कहा कि किसानों की आवारा पशुओं के खिलाफ इस लड़ाई में रालोद पूरी तरह से उनके साथ है।
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अध्यक्षता कर रहे किसान चौ. हीरा सिंह और संचालन कर रहे चौ. कुंजिल सिंह एडवोकेट ने कहा कि अगर प्रशासन इन आवारा पशुओं का इंतजाम नहीं कराता तो किसान फिर से इन पशुओं को सरकारी दफ्तरों में भर देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। पंचायत में आसपास के कई गांवों के लोगों ने सहभागिता की। इस मौके पर सुरेंद्र सिंह काका, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, रमेशचंद्र, धर्मवीर चारग, सरनाम सिंह, देवेंद्र सिंह, रमेशचंद्र, ओमवीर सिंह, सुग्रीव सिंह, एदल सिंह, बच्चू सिंह, सुखराम, मान सिंह, राजेंद्र सिंह, प्रे्रमवीर सिंह, देवी सिंह, वीरपाल सिंह, कोमल सिंह, फाल सिंह, बलवीर सिंह, सोरन सिंह, महाराज सिंह, प्रमोद पचौरी, सोहन सिंह, श्यामवीर सिंह, राजपाल सिंह सहित सैकड़ों की तादाद में किसान मौजूद थे।
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