सीएससी उगाही की शिकायत पर छापामार कार्रवाई के दौरान लगी भीड़।
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शासन स्तर से निजी क्षेत्रों में आधार कार्ड नामांकन और संशोधन प्रक्रिया पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बावजूद निजी क्षेत्रों में आधार कार्ड नामांकन प्रक्रिया की जा रही है। बुधवार को शिकायत पर हाथरस जंक्शन स्थित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पवन कंप्यूटर सेंटर पर सीएससी डिस्ट्रिक्ट मैनेजर ने छापा मारा। यहां नामांकन और संशोधन के नाम पर गरीबों से 200 से 250 रुपये तक वसूले जा रहे थे। वहीं सुपरवाइजर और ऑपरेटर की मौजूदगी के बिना ही सॉफ्टवेयर को बाईपास कर फर्जी तौर पर आधार नामांकन की प्रक्रिया की जा रही थी।
बुधवार को पवन कंप्यूटर सीएससी पर आधार कार्ड नामांकन के नाम पर अवैध रूप से पैसे लिए जाने की शिकायत सीएससी के ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को प्राप्त हुई। शिकायत पर सीएससी पर औचक छापेमारी की गई। केंद्र पर आधार कार्ड बनते हुए पाए गए। निरीक्षण के दौरान आधार के नामांकन के सॉफ्टवेयर को देखा गया तो उसमें रजिस्टर्ड ऑपरेटर मौके पर मौजूद नहीं मिला। यहां तक कि सॉफ्टवेयर को बाईपास कर मशीन को संचालित किया जा रहा था। यह मशीन एक प्राइवेट बैंक के नाम से रजिस्टर्ड थी।
इस बैंक के अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी गई। वहीं मौके पर मौजूद आवेदनकर्ताओं ने बताया कि आधार संशोधन और नामांकन के लिए 200 से 250 रुपये तक लिए जा रहे हैं। इस संबंध में सीएससी ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर केके उपाध्याय ने बताया कि छापेमारी के दौरान अवैध रुप से आधार बनाने के नाम पर उगाही की जा रही थी। वहीं मशीन फर्जी तौर पर चलाई जा रही थी। उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी। जो भी वैधानिक कार्रवाई होगी, वह अमल में लाई जाएगी।