भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने मंगलवार को मीतई स्थित विद्युत प्रवर्तन दल के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। भाकियू कार्यकर्ता प्रवर्तन दल द्वारा लगातार छापा मारने से नाराज थे। उन्होंने विजिलेंस पर महिलाओं से अशोभनीय व्यवहार करने का भी आरोप लगााया।
धरनास्थल पर वक्ताओं ने कहा कि विद्युत विभाग की टीमें बिना किसी वजह के गांवों में छापा मार रही हैं। उन्होंने बताया कि टीमें अवैध वसूली करती हैं। भुगतान से इनकार करने वालों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर रही हैं।
नेताओं ने प्रवर्तन इकाई पर तत्काल कार्रवाई किए जाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विद्युत चोरी के फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो 12 फरवरी को बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। किसान नेताओं ने यह भी बताया कि विजिलेंस कार्यालय में कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं है।
प्रदर्शन की सूचना पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार को किसान नेताओं ने ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष केके रावत, जिलाध्यक्ष ठाकुर राम जादौन, ठाकुर राजन जादौन, सिद्धार्थ जादौन, सतेंद्र कुमार सिंह, सौरभ जादौन, राकेश सिंह, यतेंद्र सिंह, मुनेशपाल सिंह के अलावा अन्य किसान मौजूद रहे।
गांव के कुछ लोग कार्यालय पर आए थे। दरअसल 25 जनवरी 2025 को टीम ने चेकिंग कर बिजली चोरी की एफआईआर दर्ज कराई थी। कई लोगों के भार बढ़ाए थे और कई जगह मीटर लगवाए थे। अब इनका कहना है कि जो एफआईआर दर्ज कराई गई हैं, उन्हें वापस लिया जाए, जो कि हमारे स्तर से मुमकिन नहीं है। महिलाओं से अशोभनीय बात किए जाने का आरोप भी निराधार है, क्योंकि हमारे दल में शामिल महिलाओं ने ही वीडियो बनाया था। सभी साक्ष्य हमारे पास हैं। कोई गलत कार्रवाई नहीं की जा रही।
-ललित राणा, जेई, विद्युत प्रवर्तन दल, हाथरस।