बेसिक शिक्षा विभाग की फर्जी बीएड डिग्री वालों की जांच शनिवार को और आगे बढ़ी। इसमें कुछ शिक्षकों की बीएड डिग्रियों की जांच की। बीएसए ने इसके साथ ही पूर्व में चयनित 60 फर्जी बीएड़ के शैक्षिक प्रमाण पत्रों वाले शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है। इन शिक्षकों से एक सप्ताह में अपने बीएड के शैक्षिक प्रमाण पत्रों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। जिससे इन शिक्षकों के स्पष्टीकरण पर विचार के बाद विधिवत रूप से विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग को शिक्षा सत्र 2004-05 में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्व विद्यालय के नाम से फर्जी बीएड़ की डिग्री वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शनिवार को बीएसए ने इन शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की दिशा में पहला कदम बढ़ा दिया है। विभाग द्वारा सत्यापन के प्रथम चरण में सामने आए सभी 60 शिक्षकों के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शनिवार को नोटिस तैयार कराए गए।
इन नोटिसों में विभागीय शिक्षकों से एक सप्ताह में जवाब मांगा गाया है। जिससे इनके द्वारा विभाग को सौंपी गई बीएड डिग्री के सही होने के वह सबूत सहित विभाग को अपना जवाब सौंप सकें। क्योंकि विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इसमें कुछ ऐसे शिक्षक भी शामिल हो सकते है। जिनकी डिग्री सही है। कई बार विद्यार्थियों द्वारा अपने रिजल्ट में संशोधन के लिए री-एग्जाम आदि भी दिए जाते हैं। इससे भी कई बार विद्यार्थियों के बीएड के शैक्षिक प्रमाण पत्र में भिन्नता आ जाती है।
इसके अलावा कुछ शिक्षकों की डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा बिना किसी महाविद्यालय में एडमिशन के ही परीक्षा भी कराई गई थी। जिसमें प्रशिक्षु की ओर से कोई कूट रचना न होकर यह विश्व विद्यालय के द्वारा लिए गए गलत निर्णय का प्रतिफल भी हो सकता है। इन सभी शंकाओं का समाधान नोटिस के बाद शिक्षक द्वारा दिए गए जबाव के बाद हो जाएगा।