मेला परिसर में किला गेट के रास्ते पर हाल ही में सजीं दुकानें। संवाद
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मेला श्रीदाऊजी महाराज के बाजार का दायरा अब तेजी से बढ़ रहा है। शुरुआत में खाली पड़े मैदानों और सुस्त पड़े सेक्टरों में पिछले पांच दिनों के भीतर करीब 40 नई दुकानें लग जाने से समूचे मेला परिसर का स्वरूप बदल गया है।
प्रशासन की ओर से नियमों में दी गई व्यावहारिक ढील और दुकान आवंटन की प्रक्रिया को लचीला बनाए जाने के बाद दूर-दराज के जिलों से आए छोटे-बड़े व्यापारियों ने अपने स्टॉल सजा लिए हैं। इस कारण महिला बाजार, किला गेट चढ़ाई मार्ग और मंदिर परिक्रमा मार्ग जैसे प्रमुख हिस्सों में खासी रौनक देखने को मिल रही है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले तक मेला बाजार का दायरा बेहद सीमित नजर आ रहा था। मुख्य रूप से महिला बाजार में चंद दुकानें खुली थीं। वहीं रेवती मैया पंडाल मार्ग और दंगल प्रांगण के आसपास सन्नाटा पसरा था और गिनती के फड़-ठेलों के सहारे ही व्यवस्था चल रही थी। खाली पड़े स्थानों को देखकर ऐसा लग रहा था कि इस बार मेला बाजार का फैलाव सिमट जाएगा, लेकिन मौसम साफ होने और प्रशासनिक स्तर पर लचीला रुख अपनाए जाने के बाद व्यापारियों ने खाली जगहों पर तेजी से दुकानें लगानी शुरू कर दी हैं।
तहबाजारी ठेकेदार को मिली बड़ी राहत
दुकानों की संख्या में अचानक हुए इस इजाफे से मेला के तहबाजारी ठेकेदार ने भी राहत की सांस ली है। भारी-भरकम बोली लगाकर ठेका लेने के बाद शुरुआती दिनों में दुकानें न सजने और बारिश के चलते ठेकेदार को लागत निकलना मुश्किल लग रहा था। अब खाली पड़े स्थानों पर लगभग चार दर्जन नई दुकानें लगने और तहबाजारी जमा होने से ठेकेदार के लिए अपनी लागत और मुनाफा निकालने की राह आसान हो गई है।