जिले में खाद की कालाबाजारी की शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इस मामले में विभागीय लापरवाही सामने आने पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने जिला कृषि अधिकारी निखिल देव तिवारी से स्पष्टीकरण तलब किया है। सीडीओ ने पूछा है कि प्राइवेट दुकानों पर खाद ऊंचे दामों पर क्यों बेची जा रही है, क्या इन दुकानों का समय रहते निरीक्षण नहीं किया गया। किसानों द्वारा बताई जा रही मुनाफाखोरी की जानकारी विभाग को पहले से क्यों नहीं हुई।
बता दें कि गांव राजपुर में ग्राम चौपाल के दौरान किसानों ने डीएम के सामने ही खाद की कालाबाजारी का मुद्दा उठाया था। इसके बाद डीएम के निर्देश के बाद कृषि विभाग की टीमें बीती 26 दिसंबर को सक्रिय हुईं और आनन-फानन कार्रवाई करते हुए दो खाद की दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए। इसके साथ ही खाद के नमूने भी लिए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।