कासगंज से पीलीभीत, मैलानी, ललितपुर होते हुए एशबाग तक संचालित की गई नई एक्सप्रेस ट्रेन का विस्तार यदि मथुरा तक कर दिया जाए तो हाथरस के हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है। रेलवे परामर्शदात्री समिति के पूर्व सदस्यों ने इस बारे में पूर्वाेत्तर रेलवे के अधिकारियों को पत्र भी भेजा है।
पत्र में उन्होंने कहा है कि वर्तमान में हाथरस से पीलीभीत, मैलानी, लखीमपुर खीरी और ललितपुर की दिशा में जाने के लिए कोई भी सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यात्रियों को कासगंज अथवा अन्य स्टेशनों पर ट्रेन बदलनी पड़ती है।
रेल यात्रियों का कहना है कि यदि इस ट्रेन का संचालन मथुरा से किया जाता है तो यह हाथरस जंक्शन होकर गुजरेगी। इससे हाथरस के साथ मथुरा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भी पहली बार पीलीभीत, मैलानी, लखीमपुर खीरी, ललितपुर और एशबाग के लिए सीधी ट्रेन मिल सकेगी। इससे यात्रा आसान होने के साथ समय और अतिरिक्त खर्च दोनों की बचत होगी।
गौरतलब है कि हाथरस से बड़ी संख्या में यात्री रोजगार, व्यापार, शिक्षा, धार्मिक यात्रा और पारिवारिक कारणों से उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र और बुंदेलखंड की ओर जाते हैं। पूर्वाेत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के पीआरओ सफदर हुसैन ने बताया कि यह रेलवे बोर्ड का मामला है। बोर्ड अगर इजाजत देगा तो ट्रेन का विस्तार किया जा सकता है।
कासगंज से शुरू की गई एशबाग एक्सप्रेस का संचालन यदि मथुरा से किया जाए तो हाथरस के यात्रियों को पहली बार पीलीभीत, मैलानी और ललितपुर की दिशा में सीधी रेल सुविधा मिल जाएगी। इससे हजारों यात्रियों को ट्रेन बदलने की परेशानी से राहत मिलेगी।
-दिनेश सरदाना, पूर्व सदस्य रेल परामर्शदात्री समिति।
हाथरस सिटी एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है, लेकिन कई उपयोगी ट्रेनों का लाभ यहां के यात्रियों को नहीं मिल पाता। एशबाग एक्सप्रेस को मथुरा तक बढ़ाने से हाथरस, मथुरा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सीधी रेल सुविधा मिलेगी।
-कपिल अग्रवाल, पूर्व सदस्य रेल परामर्शदात्री समिति।