कुरसंडा में चारगाह को विकसित करने के लिए खुदाई कराते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
अब, प्रशासन किसानों को आवारा पशुओं के आतंक से निजात दिलाए जाने के प्रयासों में जुट गया है। शनिवार को मथुरा रोड स्थित बंद पड़े एक शीतगृह में साफ सफाई का काम कराया गया। इसके अलावा गांव कुरसंडा में चारागाह को विकसित करने का काम शुरू कर दिया गया। चारागाह की जेसीबी के जरिए खुदाई कराई गई। मौके पर जिले के अफसर भी मौजूद रहे।
एसडीएम ज्योत्स्ना बंधु ने बताया कि उनके साथ जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार, उप मुख्यचिकित्साधिकारी डॉ. बी गोयल और एडीओ पंचायत देवेंद्र गौतम ने गांव कुरसंडा नगला मांधाता स्थित चारागाह का निरीक्षण किया। चारागाह को विकसित करने के दिशा निर्देश दिए गए। यहां जेसीबी के जरिए खाई खुदाई का काम शुरू करा दिया गया है।
पशुओं की देखरेख और चारे की व्यवस्था के भी इंतजाम किए गए हैं। खुदाई के बाद चारागाह के चारों तरफ पिलर लगवाकर तार लगवाए जाएंगे। इसके बाद इसमें आवारा पशुओं को बांधा जाएगा। इसके अलावा तहसीलदार टीपी सिंह ने भी मथुरा रोड स्थित एक बंद पड़े सहकारी शीतगृह को देखा। यहां भी आवारा पशुओं के रखरखाव की व्यवस्था कराना शुरू कर दिया गया है। शनिवार को यहां साफ सफाई कराई गई। एसडीएम ने बताया कि आवारा पशुुओं के रखरखाव का इंतजाम किया जा रहा है, किसान धैर्य बनाए रखें। इस मौके पर गौरक्षा समिति से सुशील पचौरी और आरआई डीसी पौरूष भी मौजूद थे।