हाथरस: मृत अरविंद का फाइल फोटो।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव पुन्नैर में पूरे दिन मातम छाया रहा। जैसे ही अरविंद की मां व अन्य परिजनों को उसकी मौत की जानकारी मिली,वहां करुण कंद्रन शुरू हो गया। लॉकडाउन में अरविंद की मां अनार देवी व गांव में मौजूद अन्य परिजन अपने बेटे का आखिरी बार मुंह भी नहीं देख सके और इनकी गैरमौजूदगी में खुर्जा में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अरविंद की मां का आरोप था कि उसका बेटा गांव के ही एक व्यक्ति के साथ दिल्ली में हलवाईगिरी का काम करता था। उसके बेटे की तबियत खराब हो गई तो इस व्यक्ति ने दिल्ली में उसका इलाज नहीं कराया। उसका बेटा कई दिन से बीमार था। उसकी मां का कहना था कि आखिर उसके बेटे की किस तरह से मौत हो गई, इस बात की अभी तक जानकारी नहीं है।
परिजनों को इस बात का बेहद अफसोस था कि वह अरविंद का चेहरा भी आखिरी बार नहीं देख सके। परिजन उसकी मौत के लिए काफी हद तक उस व्यक्ति को जिम्मेदार मान रहे थे, जिससे साथ वह दिल्ली में रहता था।