फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras News: पांच महीने बाद भी नहीं हुआ मथुरा-कासगंज ट्रैक के दोहरीकरण का सर्वे

विज्ञापन
विज्ञापन
मथुरा-कासगंज रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण को हरी झंडी मिल चुकी है। मार्च 2025 में इसकी वित्तीय स्वीकृति भी हो चुकी है, लेकिन पांच महीने बाद अभी तक दोहरीकरण का सर्वे शुरू नहीं हुआ है, जिससे काम में देरी हो रही है। मुसाफिरों को इस रेलखंड में आपेक्षित ट्रेनों की सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
विज्ञापन

वित्तीय वर्ष 2023-24 के रेल बजट में मथुरा-कासगंज रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण की स्वीकृति दी गई थी। वित्तीय वर्ष 2024-25 में इसके सर्वे के लिए वित्तीय स्वीकृति मिली। जिसमें करीब 2.10 करोड़ रुपये से स्थाई सर्वे कराना तय हुआ। सर्वे में पूरे रेलवे ट्रैक की वास्तविक स्थिति के साथ दोहरीकरण की आवश्यकताओं की रिपोर्ट तैयार होगी, लेकिन करीब छह माह गुजरने के बाद भी अभी तक सर्वे शुरू नहीं हुआ है। इज्जतनगर मंडल की ओर से अधिकारियों ने इस ट्रैक का आंतरिक सर्वे कर लिया है। इसमें पूरे ट्रैक के आसपास की जगह का लेआउट तैयार किया गया है। 105 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक के लिए डिजाइन तैयार किया जाना है। सर्वे में देरी होने से दोहरीकरण के कार्य में भी विलंब हो रहा है।
हब हो सकता है मेंड़ू रेलवे स्टेशन
रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण के बाद मेंड़ू रेलवे स्टेशन को इस खंड का हब बनाया जा सकता है, क्योंकि यहां रेलवे ट्रैक बिछाए जाने के लिए पर्याप्त जगह है। भविष्य में यहां से दिल्ली-कानपुर रेलखंड को हाथरस जंक्शन स्टेशन को जोड़े जाने की कवायद की जा रही है।
विज्ञापन

पांच जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें दौड़ती हैं रोजाना
इस रेलखंड पर एक ही रेलवे ट्रैक होने के चलते अभी तक यहां रोजाना मात्र पांच जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही करीब 12 जोड़ी साप्ताहिक या त्रैसाप्ताहिक ट्रेनों का संचालन हो रहा है। दोहरीकरण के बाद यहां रोजाना एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जा सकेगा।

एलीवेटेड का विकल्प भी तलाश रहे
राया, मुरसान व हाथरस सिटी पर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण के लिए जगह न होने के चलते यहां एलीवेटेड ट्रैक बनाए जाने की योजना भी तैयार की जा रही है, लेकिन इस पर मालगाड़ी दौड़ाए जाने में तकनीकी दिक्कत सामने आने के चलते अब दूसरे विकल्प भी देखे जा रहे हैं। दूसरी जगह जमीन का अधिग्रहण कर रेलवे लाइन बिछाए जाने पर भी विचार हो सकता है। सर्वे में इन बातों पर भी काम किया जाएगा।
मथुरा-कासगंज रेलखंड
105 किलोमीटर है मथुरा से कासगंज की दूरी
11 रेलवे स्टेशन हैं मथुरा से कासगंज के बीच
05 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का रोजाना होता है संचालन
12 लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों का है संचालन

मथुरा-कासगंज रेलखंड के दोहरीकरण का काम किया जा रहा है। गोरखपुर के निर्माण विभाग के पास इसकी जिम्मेदारी है। इसके लिए स्थाई सर्वे के लिए टेंडर आदि का काम जल्द ही पूरा किया जाएगा। विस्तृत जानकारी की जाएगी।
विज्ञापन

संजीव कुमार शर्मा, वरिष्ठ मंडलीय वाणिज्य प्रबंधक, इज्जतनगर मंडल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें