हाईवे फैसिलिटी जोन की श्रेणी को कृषि भू उपयोग का ही भाग माना जाएगा। इसके साथ जोन में किसी भूखंड के किसी राष्ट्रीय व प्रांतीय राजमार्ग और बाईपास से संबद्ध होने के साथ चक मार्ग के मध्य से न्यूनतम 12 मीटर का मार्ग सुनिश्चित किया जाएगा। इस मार्ग में किसी भी प्रकार का निर्माण अनुमन्य नहीं होगा। जोनिंग रेगुलेशन के अनुसार प्रस्तावित हाईवे फैसेलिटी भू-उपयोग के तहत किए जाने वाली क्रियाओं पर भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के प्राविधान लागू रहेंगे।
महायोजना 2031 के नक्शे को मंजूरी मिल गई है। इसमें जिन सुविधाओं का प्राविधान किया गया है, उनकी उपलब्धता के लिए योजना बनाकर कार्य कराए जाएंगे।-नीरज शर्मा, एसडीएम/नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र
यह रहेगी औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र की निवेश नीति
महायोजना में 200.91 हेक्टेयर भूमि उद्योगों के लिए भूमि प्रस्तावित की गई है। इसके तहत नगरीय हाट तरीके के बाजारों की स्थापना के लिए 80.45 हेक्टेयर उपनगर केंद्र के रूप में आरक्षित की गई है। यहां लघु, सेवा एवं कुटीर उद्योग को डिस्प्ले एवं विक्रय किया जा सकेगा।