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हाथरस महायोजना 2031: रिंग रोड और नए औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना का खुलेगा रास्ता, ये सुविधाएं मिलने की बंधी आस

Thu, 10 Apr 2025 04:59 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

हाथरस की महायोजना 2031 में रिंग रोड, नए औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना, पार्क, विद्युत उपकेंद्र, थाना, अग्निशमन केंद्र, तकनीकी संस्थान, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट सहित कई सुविधाएं मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
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हाथरस महायोजना 2031 नक्शा - फोटो : विभाग
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विस्तार
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हाथरस महायोजना 2031 का नक्शा स्वीकृत होने के बाद शहर की तस्वीर बदलने और बुनियादी जरूरतें पूरी करने वाले प्रस्तावित कार्य जल्द शुरू होने की आस बंध गई है। महायोजना से रिंग रोड और नए औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के साथ नए पार्क, विद्युत उपकेंद्र, थाना, अग्निशमन केंद्र, तकनीकी संस्थान, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट सहित कई सुविधाएं मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

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शहर के सुनियोजित विकास के लिए महायोजना 2031 के नक्शे को स्वीकृति दी गई है। इस पर यदि गंभीरता से अमल हुआ तो शहर को न केवल बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि कई महत्वपूर्ण योजनाओं का सपना भी साकार हो सकेगा। महायोजना में ट्रांसपोर्ट नगर, सरकारी कार्यालय, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग आदि क्षेत्रों के लिए भी भूमि प्रस्तावित की गई है।

महायोजना में शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए रिंग रोड का भी प्राविधान किया गया है। महायोजना 2031 में प्रस्तावित नगरीकरण क्षेत्र के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रांतीय राजमार्ग के निर्मित व निर्माणाधीन बाईपास के दोनों ओर 30.30 मीटर हरित पट्टिका छोड़ने के बाद नगर के विकास की संभावित क्षमता का आकलन करते हुए अधिकतम 300 मीटर की गहराई तक हाईवे फैसिलिटी जोन प्रस्तावित किया गया है।

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हाईवे फैसिलिटी जोन की श्रेणी को कृषि भू उपयोग का ही भाग माना जाएगा। इसके साथ जोन में किसी भूखंड के किसी राष्ट्रीय व प्रांतीय राजमार्ग और बाईपास से संबद्ध होने के साथ चक मार्ग के मध्य से न्यूनतम 12 मीटर का मार्ग सुनिश्चित किया जाएगा। इस मार्ग में किसी भी प्रकार का निर्माण अनुमन्य नहीं होगा। जोनिंग रेगुलेशन के अनुसार प्रस्तावित हाईवे फैसेलिटी भू-उपयोग के तहत किए जाने वाली क्रियाओं पर भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के प्राविधान लागू रहेंगे।
महायोजना 2031 के नक्शे को मंजूरी मिल गई है। इसमें जिन सुविधाओं का प्राविधान किया गया है, उनकी उपलब्धता के लिए योजना बनाकर कार्य कराए जाएंगे।-नीरज शर्मा, एसडीएम/नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र

यह रहेगी औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र की निवेश नीति
महायोजना में 200.91 हेक्टेयर भूमि उद्योगों के लिए भूमि प्रस्तावित की गई है। इसके तहत नगरीय हाट तरीके के बाजारों की स्थापना के लिए 80.45 हेक्टेयर उपनगर केंद्र के रूप में आरक्षित की गई है। यहां लघु, सेवा एवं कुटीर उद्योग को डिस्प्ले एवं विक्रय किया जा सकेगा।
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