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हाथरस : बिटिया प्रकरण में तीन माह पूरे, सच का अभी इंतजार

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हाथरस कांड : बिटिया के गांव में तैनात सीआरपीएफ के जवान। - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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बिटिया के साथ हुई घटना को अब तीन माह हो चुके हैं। 14 सितंबर को हुई इस घटना ने पूरे प्रदेश को ही नहीं, बल्कि देश को झकझोर कर रख दिया है। तब से लेकर अब तक तरह-तरह के आरोप और प्रत्यारोपों ने मामले को उलझा रखा है। हालांकि अब इस प्रकरण की जांच सीबीआई कर रही है। इस बीच आरोपियों का पॉलीग्राफी टेस्ट भी हो चुका है, लेकिन प्रकरण की हकीकत जानने के लिए सभी बेताब हैं। बिटिया का परिवार भी इंसाफ की आस लगाए बैठा है।
उल्लेखनीय है कि चंदपा क्षेत्र के गांव में 14 सितंबर को जब 19 साल की एक बिटिया घास लेने गई थी। तब उस पर जानलेवा हमला किया गया था। इस मामले की रिपोर्ट कोतवाली चंदपा में धारा 307 और एससी-एसटी एक्ट के तहत हुई थी। गंभीर अवस्था में बिटिया को उपचार के लिए अलीगढ़ भेजा गया था। आरोपी संदीप पर कार्रवाई के लिए वाल्मीकि समाज के लोग एसपी से मिले थे और कोतवाली सदर का घेराव भी किया था। यहां तक सांसद की बेटी ने भी बिटिया को इंसाफ दिलाए जाने के लिए डीजीपी को चिट्ठी भी लिखी थी। इसके बाद पुलिस व प्रशासन हरकत में आया और अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज पहुंचकर बिटिया के बयान दर्ज किए।
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बिटिया के बयान के आधार पर संदीप के अलावा उसके तीन दोस्तों द्वारा दुष्कर्म की बात सामने आई। उसके बाद मुकदमे में तीन आरोपियों के नाम बढ़ाए गए और सामूहिक दुष्कर्म की धारा भी बढ़ाई गईं। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में सियासत भी तेज हो गई। भीम आर्मी के चीफ अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में बिटिया का हाल जानने पहुंचे। बिटिया की गंभीर हालत को देखते हुए उसको उपचार के लिए दिल्ली भेज दिया गया, जहां बिटिया की मौत हो गई। अंतिम संस्कार को लेकर भी जमकर बवाल हुआ। इसके बाद प्रकरण ने सियासी रंग ले लिया। पूरे देश में मामले ने जोर पकड़ लिया।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी, जयंत चौधरी सहित तमाम पार्टियों के दिग्गज नेताओं ने बिटिया के गांव पहुंच परिजनों को ढांढस बंधाया और आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुरजोर आवाज उठाई। इस बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बिटिया के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। पूरे प्रकरण में एसपी सहित छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। इधर, शासन की ओर से एसआईटी जांच के निर्देश जारी कर दिए गए। वर्तमान में अब सीबीआई की जांच चल रही है और बिटिया के परिवार को सीआरपीएफ की सुरक्षा प्रदान की गई है। सीबीआई ने अब आरोपियों का पॉलीग्राफी टेस्ट भी करा लिया है। ग्रामीणों की निगाहें घटना की हकीकत और पॉलीग्राफी टेस्ट की रिपोर्ट के नतीजे पर लगी हैं। तीन माह बाद भी घटना का सच सामने आने का इंतजार है।
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