जिले में राष्ट्रीय जनगणना अभियान के तहत स्वगणना की अवधि समाप्त होने के बाद अब प्रगणक और सुपरवाइजरों की फौज धरातल पर उतरने के लिए तैयार है। शुक्रवार 22 मई से जिले के कोने-कोने में घर-घर जाकर डेटा जुटाने का महाअभियान शुरू होने जा रहा है, जो 20 जून तक लगातार चलेगा।
बृहस्पतिवार को इस अभियान की अंतिम तैयारियों को अमलीजामा पहनाया गया। नगर पालिका में जिले की सभी नगर निकायों और तहसीलों में जनगणना कार्मिकों को ड्यूटी पत्र और जरूरी किट का वितरण किया गया।
जनगणना के पहले चरण के तहत आम जनता को खुद ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने यानी स्वगणना का विकल्प दिया गया था। यह प्रक्रिया सात मई से शुरू होकर 21 मई बृहस्पतिवार तक चली। प्रशासन ने जिले के लिए 15 हजार लोगों द्वारा स्वगणना किए जाने का लक्ष्य तय किया था। इसके मुकाबले रिकॉर्ड 34 हजार लोगों ने खुद अपने परिवार की गणना पूरी की।
3607 कार्मिक संभालेंगे कमान, बांटी गईं किट : स्वगणना का चरण पूरा होने के बाद अब जमीनी स्तर पर वास्तविक जनगणना का काम शुरू होगा। इसके लिए जिले भर में 3,607 प्रगणक और सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। बृहस्पतिवार को ड्यूटी पत्र वितरण का अंतिम दिन था।
पालिका के कार्यालयों और तहसीलों में आयोजित शिविरों में सभी तैनात सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और राजस्व कर्मियों को उनके ड्यूटी चार्ट सौंपे गए। उन्हें जनगणना किट दी गई, जिसमें प्रपत्र, गाइडलाइंस और अन्य आवश्यक सामग्री शामिल है। संवाद