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विजयी खेमों में जश्न, पराजितों के यहां सन्नाटा

Mon, 02 Nov 2015 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे/हाथ्ारस
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चुनाव नतीजे आने के बाद विजयी प्रत्याशियों के खेमों में जहां जश्न का माहौल रहा, वहीं पराजितों के खेमों में सन्नाटा पसर गया। मतगणना स्थल से ही विजयी प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ नारेबाजी और ढोल-नगाड़ों के बीच अपने घरों को रवाना हुए, जबकि पराजित प्रत्याशी चेहरे लटकाकर चुपचाप खिसक लिए। विजयी प्रत्याशियों के समर्थक जश्न के उत्साह में इस कदर डूब गए कि उन्हें प्रशासन की पाबंदी की भी परवाह नहीं रही और न हीं गणना केंद्रों के बाहर मौजूद पुलिस फोर्स उनके जश्न को रोक सकी।
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रात तक मतगणना केंद्रों के बाहर नारेबाजी और ढोल-नगाड़ों का शोर सुनाई देता रहा। दोपहर 12 बजे के लगभग ज्यादातर जगहों से बीडीसी वार्डों के नतीजे आने शुरू हो गए थे, इसके साथ ही शुरू हो गया गणना केंद्रों पर नारेबाजी और मिठाई बांटने का दौर। कुछ प्रत्याशियों के समर्थक तो गिनती से पहले ही अपने प्रत्याशियों के स्वागत की पूरी तैयारी करके आए थे, लेकिन जैसे ही उन्हें प्रत्याशी हारते नजर आए, वह साथ लाई गई मालाएं वहीं फेंककर चुपचाप निकल लिए।


मतगणना केंद्रों पर खूब बंटी मिठाई
हाथरस। नतीजों के बाद मतगणना केंद्रों पर जमकर मिठाइयां बांटी गईं। प्रत्याशियों और समर्थकों ने ही नहीं, बल्कि गणना केंद्र पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने भी खूब मिठाई खाई। एक के बाद एक मिठाई के डिब्बे आते रहे और पुलिस कर्मियों की मौज आती रही। गणना केंद्रों के आसपास की सभी दुकानों की मिठाई निपट गई तो शहर के अंदर भी प्रत्याशियों के समर्थक मिठाई की तलाश में भटकते नजर आए।
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बार-बार बदलता रहा चेहरों का रंग
प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के चेहरों के रंग वोटों की गिनती के दौरान कई बार बदले। जब प्रत्याशी ने बढ़त बनाई तो एजेंट और समर्थक चहक उठे। जब प्रत्याशी पिछड़ा तो चेहरों पर चिंता की लकीरें भी साफ दिखीं। जीत लगभग तय हो गई तो कुछ एजेंट तो चहकते हुए बाहर निकले और जश्र में डूब गए।
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