ठंड ने लोगों को परेशान कर दिया है। छाती में संक्रमण के चलते जोड़ों में दर्द की समस्या शुरू हो गई है। जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में सोमवार को बड़ी संख्या में मरीज परामर्श के लिए पहुंचे। दिनभर में यहां 1867 मरीज पहुंचे, जिनमें से 286 हड्डी रोग से संबंधित रहे।
मरीजों के बढ़ने के कारण एक्स-रे की संख्या भी बढ़ गई है। सोमवार को 88 मरीजों के एक्स-रे किए गए। इनके अलावा 257 मरीज सर्दी-जुकाम व छाती संक्रमण के रहे। जिला अस्पताल के ऑर्थो सर्जन डाॅ. गोपाल वर्मा ने बताया कि ठंड में रक्त संचार में कमी के कारण जोड़ों में दर्द की समस्या होती है। हाथ-पैरों की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैंं, जिससे खून कम पहुंचता है।
इसके अलावा ठंडी हवा मांसपेशियों के लचीलेपन को कम कर देती है। इस कारण भी जोड़ों का हिलना मुश्किल होता है, जिससे दर्द होता है। ठंड के मौसम में वायुमंडलीय दबाव कम होने से जोड़ों के आसपास के ऊतक फैलते हैं। इससे सूजन वाले जोड़ों पर दबाव बढ़ता है। जोड़ों को चिकनाई देने वाला द्रव ठंड में गाढ़ा हो जाता है, इससे रगड़ खाने से भी दर्द व सूजन की समस्या होती है।
विटामिन डी की कमी व पुरानी चोट से जूझ रहे मरीजों को ज्यादा दिक्कत होती है। डाॅ. वर्मा ने लोगों को शरीर गर्म रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नियमित व्यायाम व सही आहार लेना आवश्यक है। पर्याप्त मात्रा में पानी भी पीने की सलाह दी गई।
जोड़ों में दर्द हो रहा है। सर्दियां शुरू होते ही परेशानी बढ़ जाती है, इसलिए यहां दिखाने आया हूं।
-भुल्लन खां, दयानतपुर
हसायन से आई हूं। वहां हड्डी के कोई डॉक्टर नहीं हैं। जोड़ों में दर्द रहता है। चलने फिरने में भी दिक्कत है।
-चंद्रवती, बनवारीपुर